म्यांमार/थाईलैंड: म्यांमार में शुक्रवार को आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके थाईलैंड, नेपाल, भारत, चीन और वियतनाम में भी महसूस किए गए। इस भूकंप में अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है।
भूकंप का प्रभाव:
- भूकंप का केंद्र म्यांमार में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था।
- भूकंप के कारण म्यांमार में कई इमारतें ध्वस्त हो गईं, सड़कें टूट गईं और वाहन दब गए।
- थाईलैंड में भी भूकंप के झटके से काफी नुकसान हुआ है।
- म्यांमार की सेना (जुंटा) ने 6 बड़े शहरों में आपातकाल की घोषणा की है।
भारत की सहायता:
- भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और म्यांमार और थाईलैंड के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
- भारत ने म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, तैयार भोजन और जनरेटर सेट शामिल हैं।
- भारत ने म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है और हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
राहत और बचाव कार्य:
- म्यांमार और थाईलैंड की सरकारें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
- घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी म्यांमार और थाईलैंड को सहायता प्रदान करने की पेशकश की है।
मुख्य बातें:
- म्यांमार में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे भारी तबाही हुई।
- भूकंप के झटके थाईलैंड, नेपाल, भारत, चीन और वियतनाम में भी महसूस किए गए।
- 1,000 से अधिक लोगों की मौत और 2,000 से अधिक लोग घायल।
- भारत ने म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजी।
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