इसकी शुरुआत भाजपा से ही होगी।
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11 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर दोहराया है कि देश से परिवारवादी राजनीति को खत्म करने के लिए एक लाख युवाओं का चयन किया जाएगा। इंजीनियरिंग से जुड़े एक कार्यक्रम को वर्चुली संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे राजनीति में ऐसे एक लाख युवाओं का चयन कर रहे हैं, जिनकी पृष्ठभूमि राजनीति की न हो। यानी जिस युवा का परिवार कभी भी राजनीति में न रहा हो उसे राजनीति में लाया जाएगा। मोदी ने कहा कि भारत का युवा जब अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में सफल हो सकता है तो अपने देश में क्यों नहीं। एक लाख युवाओं को आगे लाकर नरेंद्र मोदी भारत की राजनीति में क्रांतिकारी परिवर्तन करना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि मौजूदा राजनेताओं को हटाया जाए। भाजपा में जो राजनेता अपने बच्चों को आगे लाना चाहते हैं उन्हें नरेंद्र मोदी के इस बयान से निराशा होगी। क्योंकि गैर राजनीति वाले युवाओं को सबसे पहले भाजपा में ही समायोजित किया जाएगा। देखना होगा कि पीएम मोदी की यह पहल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आदि में कितनी सफल होती है। ये पार्टियां तो परिवारवाद की धुरी पर ही टिकी है। राजनीति में परिवार में सबसे मजबूत स्थिति कांग्रेस की है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के माता पिता ही नहीं बल्कि दादी और दादी के पिता तक प्रधानमंत्री रह चुके हैं।