आखिर कोरोना काल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के छात्र जीवन के दोस्त रहे एडवोकेट धर्मेन्द्र चौधरी की भी जान ले ली।

आखिर कोरोना काल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के छात्र जीवन के दोस्त रहे एडवोकेट धर्मेन्द्र चौधरी की भी जान ले ली।

आखिर कोरोना काल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के छात्र जीवन के दोस्त रहे एडवोकेट धर्मेन्द्र चौधरी की भी जान ले ली।
बेटा सेना में मेजर है, इसलिए जयपुर के मिलिट्री अस्पताल में इलाज हो रहा था।
कोरोना संक्रमण के कारण घरों पर रहने वाले व्यक्तियों को अजमेर शहर में नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था भारत विकास परिषद की सकारात्मक पहल।
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जो लोग अभी भी कोरोना संक्रमण की भयावह स्थिति की गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, उन्हें अजमेर के एडवोकेट धर्मेन्द्र चौधरी के निधन से सबक लेना चाहिए। चौधरी का निधन अजमेर वासियों के लिए दुखदाई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए तो व्यक्तिगत छवि है। गहलोत जब प्रदेश में एनएसयूआई की राजनीति करते थे, तब धर्मेन्द्र चौधरी अजमेर के गवर्मेंट कॉलेज के अध्यक्ष थे। ऐसे कई अवसर आए, जब चौधरी ने गहलोत को अपने स्कूटर पर घुमाया था। यह दोस्ती गहलोत के मुख्यमंत्री बनने पर भी बनी रही। लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा कि 22 अप्रैल को जयपुर स्थित मिलिट्री अस्पताल में चौधरी का निधन हो गया। चूंकि चौधरी का बेटा भारतीय सेना में मेजर हैं, इसलिए उनका इलाज मिलिट्री अस्पताल में हो रहा था। मुख्यमंत्री के मित्र और मेजर के पिता होने के बाद भी चौधरी को नहीं बचाया जा सका। ऐसा नहीं कि चौधरी ने कोरोना काल में लापरवाही बरती। चौधरी पिछले एक वर्ष से अपने घर पर ही कैद रहे, लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमित हो गए। कोरोना की दूसरी लहर इतनी घातक है कि चौधरी को कोरोना के कहर से नहीं बचाया जा सका। अजमेर के लोग जानते हैं कि चौधरी का राजनीतिक ठिकाना आगरा गेट कांग्रेस नेता डॉ. श्रीगोपाल बाहेती का क्लीनिक था। कोरोना काल से पहले चौधरी प्रतिदिन डॉ. बाहेती की क्लीनिक पर आते थे। यहीं पर राजनीतिग गपशप होती। चौधरी के पिता शिवनारायण चौधरी भी पुष्कर के विधायक रह चुके हैं। चौधरी का अंङ्क्षतम संस्कार 23 अप्रैल को अजमेर स्थित पुष्कर रोड के श्मशान पर कर दिया गया। असल में इस बार कोरोना वायरस किसी को भी नहीं बख्श रहा है। ऐसे में लोगों की सतर्कता ही बसेस बड़ा बचाव है। संक्रमित होने पर सारी एप्रोच और पैसा धरा रह जाता है। लाख कोशिश के बाद भी संक्रमित व्यक्ति को नहीं बचाया जा रहा है।
संक्रमित व्यक्तियों को घरों पर भोजन:
कोरोना की दूसरी लहर में जो व्यक्ति संक्रमित हो रहे हैं उन्हें घरों पर भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। जिन संक्रमित व्यक्तियों को ऑक्सीजन की जरुरत नहीं है, उन्हें घरों पर क्वारंटाइन किया जा रहा है। एक घर में दो तीन व्यक्ति संक्रमित हो गए हैं। ऐसे घर पर भोजन भी नहीं बन पा रहा है। धनाढ्य व्यक्तियों के घरों पर खाना बनाने वाली बाई भी नहीं आ रही है। ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों को घरों पर नि:शुल्क भोजन उपलब्ध करवाने का जिम्मा अजमेर शहर में भारत विकास परिषद ने उठाया है। अजयमेरु शाखा के अध्यक्ष हनुमान गर्ग ने बताया कि जो लोग अपने घरों पर क्वारंटाइन हैं, वे परिषद के पदाधिकारियों से संपर्क कर भोजन के नि:शुल्क पैकेट मंगवा सकते हैं। भोजन के पैकेट मंगवाने के लिए उनके स्वयं के मोबाइल नम्बर 9829084320 संवाद किया जा सकता है। इसके साथ ही मोबाइल नम्बर 9414002423 पर सतीश बंसल, 9214429399 पर अनुपम गोयल, 9636013408 पर अशोक टाक तथा 9828543799 पर मनोज मामनानी से संवाद किया जा सकता है।

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