विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन हेतु उच्च स्तरीय एक समिति का गठन – उच्च शिक्षा मंत्री 

विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन हेतु उच्च स्तरीय एक समिति का गठन – उच्च शिक्षा मंत्री 

विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के आयोजन हेतु उच्च स्तरीय एक समिति का गठन – उच्च शिक्षा मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो पाने के कारण आगामी शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित होने की संभावना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों की सत्र 2020-21 की स्थगित परीक्षाओं के आयोजन व आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-2022 समय पर प्रारंभ करने के संबंध में सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. देवस्वरूप को संयोजन में गठित इस उच्च स्तरीय समिति में गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर और हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर सहित आयुक्त कॉलेज शिक्षा तथा संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि यह समिति कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों, एमएचआरडी एवं संबंधित विनियमन निकायों यथा यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई, बीसीआई, आदि के मापदण्डों तथा इन संस्थाओं के द्वारा कोविड-19 के फलस्वरूप परीक्षाओं के आयोजन, शैक्षणिक सत्र आदि के संदर्भ में समय-समय पर जारी निर्देशों एवं अन्य सभी पहलूओं पर विचार-विमर्श कर सुझाव प्रस्तुत करेगी।

श्री भाटी ने कहा कि सुझाव में परीक्षाएं ऑनलाईनध्ऑफलाईन आयोजित करने, परीक्षाओं की तिथि का निर्धारण, पाठ्यक्रम में कमी करने, प्रश्न-पत्र हल करने के संबंध में विकल्प उपलब्ध कराने, परीक्षा का समय कम करने, उत्तर पुस्तिकों का मूल्यांकन व परीक्षा परिणाम जारी करने के, जिन कक्षाओंध्समेस्टर आदि में विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के अगली कक्षाध्समेस्टर में प्रोन्नत करना संभव हो, उनके लिए प्रोन्नत करने, प्रोन्नत करने हेतु फार्मूला आदि तय करने तथा आगामी शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने आदि सभी बिन्दुओं पर विस्तृत सुझाव एवं अनुशंषा प्रस्तुत करेगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विगत सत्र में यह भी ध्यान में आया कि विश्वविद्यालयों ने विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं में प्रोन्नत करने के संबंध में भी अलग-अलग नीति अपनाई गई। कुछ विश्वविद्यालयों ने अंक तालिकाओं में प्राप्तांक दर्शाये गए जबकि कुछ ने प्राप्तांक नहीं दर्शाये गए। अतः यह समिति इस संबंध में भी अपने सुझाव एवं स्पष्ट अनुशंषा करेगी, ताकि सभी विश्वविद्यालयों में एक जैसी नीति अपनाई जा सके। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में विगत वर्ष के काफी विद्यार्थी इंटर्नशिप नहीं कर पाए थे व स्कूल नहीं खुलने के कारण इस वर्ष भी इंटर्नशिप नहीं हो पाई है, समिति इस संबंध में अपनी स्पष्ट अनुशंषाध्सुझाव देगी। समिति के संयोजक एवं सदस्य आपस में दूरभाष, वाट्सएप, वीडियो काफ्रेसिंग आदि इलेक्ट्रोनिक संसाधनों के माध्यम से विचार-विमर्श कर अपनी रिपोर्ट 15 दिवस की अवधि में राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।

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