पुरानी पेंशन बहाली हेतु 30 जून को वैश्विक ट्विटर अभियान

पुरानी पेंशन बहाली हेतु 30 जून को वैश्विक ट्विटर अभियान

पुरानी पेंशन बहाली हेतु 30 जून को वैश्विक ट्विटर अभियान
सवाई माधोपुर 22 जून। न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉयीज फेडरेशन ऑफ राजस्थान के पुरानी पेंशन बहाल करने हेतु 30 जून को वैश्विक ट्विटर अभियान के आह्वान के मद्देनजर गूगल मीट पर वर्चुअल बैठक संपन्न हुयीं। जिसमे पदाधिकारियों ने सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण जारी करते हुए बताया कि देश में न्यू पेंशन स्कीम धारक सरकारी कर्मचारियों की संख्या 31 मई, 2021 तक बढ़कर 74 लाख 19 हजार 363 हो गयी है, जिसमे 13 लाख अर्धसैनिक बलों सहित 21 लाख 82 हजार 374 केन्द्रीय कर्मचारियों सहित पश्चिम बंगाल जहाँ एनपीएस योजना लागू नहीं है, को छोड़कर 28 राज्यों के राज्य कर्मचारियों की संख्या 52 लाख 36 हजार 989 है।
जिला आई टी प्रभारी ओम प्रकाश मीना ने बताया कि एनपीएस कार्मिकों की असुरक्षित शेयर बाजार में जमा कुल परिसम्पत्ति 4 लाख 95 हजार 696 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी है। इसलिए 74 लाख एनपीएस कार्मिक पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे को वैश्विक ट्विटर अभियान से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों से लेकर वैश्विक परिप्रेक्ष्य तक पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे को उठाएंगे। इसके लिए योजना बना ली गई है। पूरा विश्वास है कि केंद्र और राज्य सरकार इस कदम के बाद मामले पर गम्भीरता से विचार करेगी।
ट्विटर पर देश के 74 लाख एनपीएस कार्मिक प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री एवं वैश्विक परिदृश्य के प्रभावशाली लोगों के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को बुलंद करेंगे।
जिला संयोजक विनोद बारवाल झोपड़ा ने बताया कि संगठन ने पूरे देश के राज्यों के कर्मचारी संगठनों से और एनपीएस कार्मिकों से अपील की है कि ट्विटर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। इसके साथ ही प्रदेश के सभी कार्मिक संगठनों व समस्त विभाग के कर्मचारी, शिक्षक, लिपिक, स्वास्थ्य कर्मचारी, अधिकारी, रेलवे कर्मी, पुलिस कर्मी, बैंक कर्मी, पैरा मिलिट्री के जवानों से महत्वपूर्ण भागीदारी करने के लिए अपील की है।
उन्होने बताया कि कॉरपोरेट हितेषी सरकार ने जनवरी 2004 से, केंद्र सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 को बदलने के लिए 31 दिसंबर, 2003 के बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन प्रणाली एनपीएस लागू की। नई पेंशन योजना जो कि पेंशन ना होकर म्यूच्यूअल फंड योजना है जो कर्मचारियों द्वारा लिए गए अंतिम मूल वेतन पर न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान नहीं करती है। अन्य मुद्दों के अलावा एनपीएस या राष्ट्रीय पेंशन योजना में संशोधित महंगाई भत्ते को पेंशन में शामिल करने का प्रावधान नहीं है। जबकि, पुरानी योजना में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के संशोधन का लाभ प्राप्त होता।
एनपीएसईएफआर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए शेयर बाजार से जुड़ी पेंशन प्रणाली के खिलाफ है।

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