प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 7वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने सम्बोधन के दौरान ‘डब्ल्यूएचओ एम-योग’ ऐप लॉन्च किया। एम-योग ऐप कई भाषाओं में सामान्य योग प्रोटोकॉल पर आधारित, योग प्रशिक्षण और अभ्यास के कई वीडियो उपलब्ध कराएगा। इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन विज्ञान के मेल का एक बेहतरीन उदाहरण बताते हुए प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि एम-योग एप, योग को दुनिया भर में फैलाने में मदद करेगा और ‘एक विश्व, एक स्वास्थ्य’ के प्रयासों में योगदान देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा:
“जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा, तो इसके पीछे की भावना इस योग विज्ञान को पूरी दुनिया के लिए सुलभ बनाना था। आज भारत ने संयुक्त राष्ट्र और डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अब दुनिया को एम-योग एप की ताकत मिलने वाली है। इस ऐप में सामान्य योग प्रोटोकॉल पर आधारित योग प्रशिक्षण के कई वीडियो दुनिया की विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध होंगे। यह आधुनिक तकनीक और प्राचीन विज्ञान के मिलन का भी बेहतरीन उदाहरण है। मुझे विश्वास है कि एम-योग ऐप दुनिया भर में योग के विस्तार और ‘एक विश्व, एक स्वास्थ्य’ के प्रयासों को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।“
यह मोबाइल ऐप दुनिया भर के लोगों के बीच, विशेष रूप इस महामारी के दौरान, योग और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने में बेहद मददगार साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कोविड-19 से ठीक हो चुके कोविड रोगियों के स्वास्थ्य के पुन: पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पृष्ठभूमि:
आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने संयुक्त रूप से 2019 के मध्य में मोबाइल-योग पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक परियोजना शुरू की थी। इस परियोजना में 2030 तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के तहत ‘स्वस्थ रहें, गतिशील रहें’ (बीएचबीएम) की अवधारणा की परिकल्पना की गयी है। ‘स्वस्थ रहें, गतिशील रहें’ (बीएचबीएम) पहल डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में एक वैश्विक साझेदारी है, जो गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली के दायरे में गतिशील स्वास्थ्य (एम-स्वास्थ्य) प्रौद्योगिकी के विस्तार का समर्थन करती है।
उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, डब्ल्यूएचओ और आयुष मंत्रालय ने जुलाई, 2019 में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। एम-योग परियोजना चार क्षेत्रों पर केंद्रित है:
(1) सामान्य तंदुरुस्ती के लिए सामान्य योग प्रोटोकॉल;
(2) मानसिक स्वास्थ्य और सहनशीलता के लिए योग;
(3) किशोरों के लिए योग; तथा
(4) मधुमेह-पूर्व वाले लोगों के लिए योग।
इसके आधार पर, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा डब्ल्यूएचओ प्रौद्योगिकी भागीदारों के परामर्श से एक आवश्यक पुस्तिका और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किए जाने का प्रस्ताव था। पुस्तिका पर काम अंतिम चरण में है और वर्तमान में लॉन्च किया गया ऐप संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में से दो यानी अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध है। इस कार्य में, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) ने सामान्य योग प्रोटोकॉल पुस्तिकाएं, वीडियो शूट, सामान्य स्वास्थ्य के लिए विभिन्न अवधि (45 मिनट, 20 मिनट और 10 मिनट) के सामान्य योग प्रोटोकॉल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के तहत पुस्तिकाओं के संयुक्त राष्ट्र की 6 प्रमुख भाषाओं में अनुवाद और डिजाइन तैयार किये गए।
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