संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए खतरा – जोशी

संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए खतरा – जोशी

संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिकरण लोकतंत्र के लिए खतरा – जोशी
सवाई माधोपुर 21 मई। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर राजीव गांधी स्टडी सर्कल और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता जरूरी है’’ विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डॉ. हरिचरण मीना ने बताया कि वेबिनार के मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉक्टर सी पी जोशी थे और अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने की।
वेबिनार की मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने कहा कि भारत में संसदीय लोकतंत्र अपनाने का मुख्य कारण इसकी विविधता है। भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए ही लोकतंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से संविधान की रचना की गई। उन्होंने कहा कि इंफॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी को स्वर्गीय राजीव गांधी ने बहुत मजबूत बनाया लेकिन आज उसी का दुरुपयोग करके विपक्ष की और विरोध की आवाज को दबाया जा रहा है। आज देश एक अलग तरीके की चुनौती का सामना कर रहा है। इस देश में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करके संसदीय लोकतंत्र को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। देश के निर्माण में विभिन्न धर्मों, भाषाओं, विचारों और संस्कृतियों के लोगों को समान अवसर मिलना चाहिए। लेकिन आज एक देश एक विचार की कुनीति से लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
संसद के चलते हुए भी ऑर्डिनेंस के द्वारा सरकार चलाई जा रही है ताकि संसद की भूमिका को समाप्त किया जा सके। एक ही विचारधारा को सभी पर थोपने के लिए लोकतंत्र के सभी स्तंभों को योजनाबद्ध तरीके से धाराशायी किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आव्हान किया कि हमें यह समझने की आवश्यकता है कि संसदीय लोकतंत्र ही असली भारत को जिंदा रख सकता है।
तकनीकी व संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी की हमेशा यह कोशिश रही कि बंपर बहुमत होने के बावजूद विपक्षी दलों को पूरा सम्मान दिया जाए और उनके विचारों को अपने निर्णयों में शामिल किया जाए। विशिष्ट अतिथि राजस्व मंत्री हरीश चैधरी ने कहा कि पंडित नेहरू ने हमेशा अपने विपक्षियों को सरकार की आलोचना करने और उसके काम में सुधार करने का पूरा अवसर दिया किंतु आज न केवल संसद की पूरी केंद्रीय कैबिनेट को ही लगभग समाप्त कर दिया गया है।
इस अवसर पर आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन और पूर्व कुलपति प्रो बी एम शर्मा, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो डी पी जारोली, मत्स्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे पी यादव, गोविंद गुरु विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आई वी त्रिवेदी, जय नारायण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पी सी त्रिवेदी, राजीव गांधी स्टडी सर्कल के राष्ट्रीय सह समन्वयक प्रोफेसर सतीश राय सहित प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, एनएसएस के जिला समन्वयक, राजीव गांधी स्टडी सर्कल के जिला समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी, सवाई माधोपुर से जिला समन्वयक डॉ. हरिचरण मीना, श. कै. रि. राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सवाई माधोपुर के प्राचार्य प्रो. बी. एस. मीना और हजारों की संख्या में स्वयंसेवकों ने इस वेबिनार में प्रतिभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम के संयोजक और राजीव गांधी स्टडी सर्कल एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य समन्वयक डॉ बनय सिंह ने किया।

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