ऑक्सीजन सिलेंडरो के संबंध में प्रभावी नियंत्रण/निगरानी के लिए निषेधाज्ञा प्रतिबंध लागू, निजी सिलेंडर किसी के पास हो तो तत्काल जमा करवाएं
सवाई माधोपुर, 13 मई। जिला कलेक्टर राजेंद्र किशन ने 1 मई को आदेश जारी कर ऑक्सीजन सिलेंडरों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 में शामिल कर इनके क्रय, विक्रय, भंडारण पर रोक लगाकर आमजन/निजी चिकित्सालयों/व्यावसायिक संस्थानों को निर्देश दिए थे कि वे तत्काल प्रभाव से ऐसे सिलेंडरों को प्रशासन के सुपुर्द कर दें। कलेक्टर ने ऐसे लोगों को अंतिम अवसर देते हुए आग्रह किया है कि किसी के पास ऑक्सीजन सिलेंडर बिना पूर्व अनुमति/ स्वीकृति के है तो तत्काल जमा करवाएं। इसके बाद पुलिस एवं प्रशासन द्वारा जांच एवं छापामार कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट राजेन्द्र किशन ने 1 मई से निषेधाज्ञा धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में निजी/व्यावसयिक व्यक्ति/संगठनों के पास उपलंबध ऑक्सीजन सिलेंडरों पर प्रभावी नियंत्रण/निगरानी के लिए प्रतिबंध लागू किए हुए है।
उन्होंने निषेधाज्ञा में बताया कि कोरोना संक्रमण के उपरान्त गम्भीर पीडित व्यक्तियों / मरीजो के संस्थागत उपचार के दौरान लोक जीवन/ लोक स्वास्थ्य की क्षति को बचाने के लिए चिकित्सकीय प्रोटोकॉल अनुसार ऑक्सीजन उपलब्धता की नितान्त आवश्यकता हो सकती है। चूंकि सवाई माधोपुर जिले में निजी क्षेत्रों में ऑक्सीजन उत्पादन हेतु कोई संयत्र ( प्लांट ) भी स्थापित नही है, जिसके कारण भविष्य में ऑक्सीजन की चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को अनुपलब्धता / कमी होने की सम्भावनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता है। चिकित्सकीय ऑक्सीजन गैस का संग्रहण/परिवहन तरल ऑक्सीजन की अवस्था में सिलेण्डरों में ही किया जाना व्यवहार्य है । उन्होंने 1 मई को जिले में निजी/व्यवसायिक व्यक्ति / संगठनों के पास उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेण्डरो पर प्रभावी नियंत्रण/ के लिए प्रतिबन्ध लगाया था। कलेक्टर ने निषेधाज्ञा आदेश में बताया था कि सवाई माधोपुर जिले की राजस्व सीमाओं के अन्तर्गत निवासरत निजी व्यक्ति/संस्था जिसके पास ऑक्सीजन सिलेण्डर उपलब्ध है, सिलेण्डर उपलब्धता की सूचना दो दिवस में संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट कार्यालय एवं जिला स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष ( दूरभाष नम्बर – 07462-220201 , 220602 ) को सूचित करेंगे तथा सिलेण्डर को संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट कार्यालय में जमा करावें । साथ ही ऑक्सीजन सिलेण्डर जमा कराते समय सिलेण्डर का आकार ( छोटा / बड़ा ) अथवा प्रकृति ( बी टाइप / डी टाइप अथवा अन्य प्रकार ) अनुसार लिखित में पावती रसीद प्राप्त करेंगें । ताकि भविष्य में पुनः सुपुर्दगी के दौरान कोई विसंगति नहीं रहे । उन्होंने यह भी बताया कि यदि किन्ही अपरिहार्य परिस्थितियों में निजी व्यक्ति/संस्था को ऑक्सीजन सिलेण्डर स्वयं की कस्टडी में रखा जाना आवश्यक है तो संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को ऑक्सीजन सिलेण्डर स्वयं की कस्टडी में रखे जाने हेतु पर्याप्त आधार के साथ अनुरोध प्रस्तुतीकरण कर उपखण्ड मजिस्ट्रेट की संतुष्टि उपरान्त अनुमति प्राप्त करेंगें। कलेक्टर ने बताया कि अब अभियान चलाकर सिलेंडर की जांच की जाएगी। जांच के दौरान किसी व्यक्ति / संस्था की कस्टडी में ऑक्सीजन सिलेण्डर पाये जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व अन्य सुसंगत प्रावधानो के अन्तर्गत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/व्यक्तियों के समूह पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। उन्होंने बताया कि अभी भी किसी के पास बिना अनुमति/पूर्व स्वीकृति ऑक्सीजन सिलेंडर हो तो सूचना देकर तत्काल जमा करवाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
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