राजस्थान के भरतपुर में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब रेंज आईजी ऑफिस के सामने एक नाबालिग रेप पीड़िता व उसके परिजनों ने अपने ऊपर केरोसिन डाल आत्महत्या करने की कोशिश की। जैसे ही पुलिस अधिकारियों को इसके बारे में पता लगा तो अधिकारी परिजनों के पास पहुंचे और आईजी प्रसन्न कुमार से मिलवाया। वहीं आत्महत्या के प्रयास पर पूरे परिवार को हिरासत में लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता के पिता ने 26 जुलाई 2020 को कामां थाने में एक मामला दर्ज करवाया था जिसमें बताया कि वकील नाम का लड़का परिवादी की नाबालिग लड़की को अपने साथ चंडीगढ़ ले गया, जहां वकील का भाई खालिद वकालत करता है। जब नाबालिग के पिता को इस बात का पता लगा तो गांव के सरपंच वकील के भाइयों को लेकर चंडीगढ़ जाते हैं। इस दौरान वकील की गाड़ी इन्हें रास्ते में दिख जाती है। जिसके बाद सभी लोग वकील के जरिये लड़की के पास पहुंचते हैं। लकड़ी साथ आने से मना करती है लेकिन समझाइश के बाद वकील और नाबालिग को लेकर गांव के लिए रवाना होते हैं। रास्ते में वकील सभी को चकमा देकर भाग जाता है। इस मामले को लेकर गांव में 20 जुलाई से 26 जुलाई 2020 तक पंचायत भी चली लेकिन जब पंचायत के फैसले से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ तो वह कामां थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया जिसकी जांच कामां सीओ ने की। मामले में वकील को आरोपी मानते हुए हरियाणा से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब परिवादी का कहना है कि वकील के भाइयों को भी इस मामले में मुजरिम बनाया जाए। गौरतलब है कि कामां थाना इलाके कि नाबालिग रेप पीड़िता ने 18 तारीख को भी आईजी ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया था। परिजनों का कहना है कि उस दिन नाबालिग रेप पीड़िता और उसके परिजन किसी भी अधिकारी से मिल नहीं पाए थे लेकिन आज दोबारा रेप पीड़िता और उसके परिजन आईजी ऑफिस से इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे। लेकिन आईजी वीडियो कांफ्रेसिंग में बिजी थे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी नहीं मिले तो पीड़िता और परिजनों ने अपने ऊपर केरोसिन डाल दिया।
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि कामां के सीओ प्रदीप यादव ने पीड़ित परिवार से अभी तक चार किश्तों में कथित रूप से 2 लाख रुपए ले लिए है जिन्हें वापस दिलाया जाए।
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