दौसा: दौसा के कालीखाड़ में 150 फीट गहरे बोरवेल में फंसे आर्यन को बचाने की मुहिम जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीम को खुदाई कर रही पाइलिंग मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार से शुरू हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल दिन-रात एक कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्यन पुराने पाइपों के बीच फंसा हुआ है, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है।
तकनीकी खराबी ने बढ़ाई मुश्किलें
120 फीट की खुदाई के बाद पाइलिंग मशीन में आई तकनीकी खराबी ने रेस्क्यू ऑपरेशन को धीमा कर दिया है। विशेषज्ञ इस खराबी को दूर करने में जुटे हुए हैं।
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
एनडीआरएफ के योगेश मीना के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी उपकरणों से की जा रही है। टीम ने कई बार खुदाई करने के बावजूद सफलता नहीं पाई है, लेकिन विशेष रिंग और अन्य उपकरणों की मदद से बचाव कार्य जारी रखा गया है।
पिछले अनुभव से मिली उम्मीद
गौरतलब है कि यह वही टीम है जिसने पिछले दिनों बांदीकुई में एक बालिका को बोरवेल से सफलतापूर्वक निकाला था। इस बार भी टीम आर्यन को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
जनता की प्रार्थनाएं
पूरे देश की नजरें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं। लोग आर्यन के जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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