प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 छोटे बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षित करने के दृष्टिकोण का समर्थन करती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 अभिनव पहलों और संसाधनों के साथ इस दृष्टिकोण को मजबूत बनाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp ने गहन शिक्षा, रचनात्मकता को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित करने के लिए छोटे बच्चों को उनकी मातृभाषा में पढ़ाने के महत्व का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एनईपी 2020 अभिनव पहलों और संसाधनों के साथ इस दृष्टिकोण का समर्थन करती है - इसे अवश्य पढ़ें!"
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मातृभाषा में शिक्षा का महत्व
मातृभाषा में शिक्षा देने के कई फायदे हैं। इससे बच्चों को अपनी संस्कृति और पहचान से जुड़ने में मदद मिलती है। वे आसानी से सीख पाते हैं और उनकी समझ क्षमता भी बढ़ती है।
एनईपी 2020 और मातृभाषा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस नीति के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाया जाना चाहिए। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और वे अपनी शिक्षा में अधिक रुचि लेंगे।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि सरकार मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। एनईपी 2020 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इस नीति के लागू होने से देश के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
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