राजस्थान की गहलोत सरकार ने अपने 3 साल का कार्यकाल पूरा करके चौथे साल में प्रवेश कर लिया है और अब महज विधानसभा चुनाव में 22 माह का ही समय बचा है। बावजूद इसके कांग्रेस कार्यकर्ताओं-नेताओं को अभी तक भी राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट नहीं किया गया है। प्रदेश स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियां तो दूर की बात, जिला और ब्लॉक लेवल पर होने वाली राजनीतिक नियुक्तियां भी अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता और नेताओं में अंदर खाने नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जबकि दिल्ली भेजे जा चुके हैं नाम।
दरअसल कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने तकरीबन 5 माह पहले ही जिला और ब्लॉक लेवल पर होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने के लिए कांग्रेस के जिला प्रभारियों को एक परफॉर्मा दिया था और उस परफॉर्मा में कार्यकर्ताओं और नेताओं के नाम दिल्ली भेजने के निर्देश दिए थे। जिस पर कांग्रेस के जिला प्रभारियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेताओं के नाम जिला-ब्लॉक लेवल की राजनीतिक नियुक्तियों के लिए भेजे थे और अब तकरीबन 5 माह के बावजूद भी जिला ब्लॉक लेवल की नियुक्ति की घोषणा नहीं हो पाई है। माना जा रहा है कि प्रदेश स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के साथ-साथ जिला ब्लॉक लेवल के राज्य की नियुक्तियां भी ठंडे बस्ते में चली गई हैं।
85 समितियों में से 16 में मांगे थे नाम।
इधर प्रदेश में जिला और ब्लॉक लेवल पर 85 समितियां हैं जिसमें राजनीतिक नियुक्तियां की जानी है। और माना जा रहा था कि इन 85 समितियों में 30 हजार से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाना था। लेकिन प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने 85 में से केवल 16 समितियों में ही नाम मांगे थे और शेष समितियों में बाद में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए नाम मांगने की बात कही थी। लेकिन अब इन 16 समितियों में भी नामों की घोषणा नहीं हो पा रही है। इन 16 समितियों में 11 समितियां जिला स्तर पर और पांच समितियां ब्लॉक स्तर पर हैं।
नियुक्तियां कब होगी पता नहीं।
वहीं जिला और ब्लॉक लेवल पर नाम भेजे जाने के बावजूद राजनीतिक नियुक्तियां कब होंगी इसे लेकर पीसीसी पदाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। पीसीसी पदाधिकारियों कहना है कि एआईसीसी के निर्देश पर नाम भेज दिए गए हैं अब नियुक्ति कब होनी है यह एआईसीसी पर निर्भर करता है।
जिला स्तरीय इन समितियों में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए मांगे गए थे नाम।
-जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, जिला स्तरीय समन्वय समिति
जिला स्तरीय समीक्षा एवं संचालन समिति, जिला लोक शिक्षा समिति, प्रधानमंत्री 15 सूत्री कार्यक्रम ,जिला स्तरीय अल्पसंख्यक मामलात कमेटी, जिला स्तरीय जल वितरण समिति, संभाग स्तरीय जल वितरण समिति, जिला महिला सहायता समिति, जिला क्रीड़ा परिषद समिति, 20 सूत्री कार्यक्रम आयोजन क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति।
उपखंड स्तर इन समितियों में मांगे गए थे नाम।
-उपखंड स्तरीय सतर्कता समिति
– उपखंड स्तरीय वन अधिकारी समिति
-उपखंड स्तरीय समीक्षा एवं संचालन समिति
– पेय जल प्रदूषण की रोकथाम हेतु समिति
– उपखंड स्तरीय जल वितरण समिति।