कोरोना से लड़ने के लिए देशभर में एक प्लान बने। सभी राज्य अपनी अपनी ढपली बजा रहे हैं।

कोरोना से लड़ने के लिए देशभर में एक प्लान बने। सभी राज्य अपनी अपनी ढपली बजा रहे हैं।

कोरोना से लड़ने के लिए देशभर में एक प्लान बने। सभी राज्य अपनी अपनी ढपली बजा रहे हैं।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की बैठक का वीडियो लीक कर बेजा हरकत की। विज्ञापनों के मोहताज न्यूज चैनल वालों की भी पोल खुली।
कोरोना पर अब सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को सुनवाई होगी। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को अंतिम चरण का मतदान हो जाएगा। बैठकों का बहिष्कार करने वाली ममता बनर्जी ने अब कहा कि पीएम की बैठक में मुझे नहीं बुलाया।
=========
23 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सर्वाधिक कोरोना संक्रमित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वर्चुअल तकनी से संवाद कर रहे थे, तब पिछले चौबीस घंटे में देश में दो हजार 263 लोगों ने कोरोना वायरस की वजह से दम तोड़ दिया। इतना ही नहीं बीती चौबीस घंटे के आंकड़े बताते हैं कि 3 लाख 32 हजार 730 नए व्यक्ति संक्रमित दर्ज किए गए। इससे देश में कोरोना की भयावता का अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑक्सीजन के अभाव में अकेले दिल्ली के अस्पतालों में लोग दम नहीं तोड़ रहे बल्कि देश भर के अधिकांश अस्पतालों की यही स्थिति है। अनेक अस्पताल ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले मरीजों को भर्ती ही नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों की मौत अस्पताल के बाहर हो रही है। जब देश में रोजाना 3 लाख संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, तब लॉकडाउन को लेकर राज्य अपनी अपनी ढपली बजा रहे हैं। मुख्यमंत्रियों ने अपने अपने राजनीतिक नजरिए से लॉकडाउन लागू किया है। इसी का नतीजा है कि राज्यों में लॉकडाउन प्रभावी नहीं हो रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 अप्रैल से लेकर 3 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लगा रखा है, लेकिन इसके बावजूद भी संक्रमित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। अब यह आंकड़ा 15 हजार तक पहुंच रहा है। कोरोना को लेकर देश के जो हालात हैं, उसे देखते हुए देशभर में एक प्लान बनना चाहिए। जिस प्रकार गत वर्ष केन्द्र ने लॉकडाउन लगाया था, उसी प्रकार इस बार भी लॉकडाउन की समान नीति बननी चाहिए। यदि लॉकडाउन को लेकर राज्य अपनी अपनी ढपली बजाते रहे तो कोरोना पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा। चाहे कितने भी संसाधन जुटा लिए जाए लेकिन मरीजों की संख्या के आगे कम रहेंगे। देश में एक प्लान लागू करने में अब देर नहीं करनी चाहिए।
केजरीवाल की बेजा हरकत:
आम तौर पर प्रधानमंत्री के साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को गुप्त रखा जाता है। लेकिन 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से संवाद कर रहे थे, तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपना संबोधन का न्यूज़ चैनल पर लाइव प्रसारण करवा दिया। केजरीवाल का यह कृत्य प्रधानमंत्री की बैठक के प्रोटोकॉल के विरुद्ध था। केजरीवाल यह दिखाना चाहते थे कि दिल्ली के अस्पतालों की स्थिति कैसी है और वे स्वयं कितने चिंतित हैं। केजरीवाल की इस हरकत पर पीएम मोदी ने भी नाराजगी जताई है। बैठक के दौरान ही किसी मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो लीक करने की यह देश में पहली घटना है। इसमें केजरीवाल का तो राजनीतिक स्वार्थ हो सकता है, लेकिन जिन न्यूज चैनलों में केजरीवाल का वीडियो प्रसारित किया वे भी कम दोषी नहीं है। चैनलों के संपादकों को जब यह पता था कि अभी प्रधानमंत्री की बैठक चल रही है,तब वीडियो का प्रसारण कैसे कर दिया? असल में इन दिनों सभी न्यूज़ चैनलों पर अरविंद केजरीवाल के एक एक मिनट के विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं। इन विज्ञापनों की एवज में चैनल के मालिकों को करोड़ों रुपया मिल रहा है। ऐसे में चैनल के किसी भी संपादक ने केजरीवाल के वीडियो के प्रसारण को रोकने की जरूरत ही नहीं समझी। जाहिर है कि सरकार के प्रोटोकॉल पर केजरीवाल के विज्ञापन भारी है।
सुप्रीम कोर्ट में 27 अप्रैल को सुनवाई:
देशभर में कोरोना की स्थिति को लेकर 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी थी। लेकिन चीफ जस्टिस की अदला बदली के कारण सुनवाई को 27 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है। अब नए चीफ जस्टिस रमन्ना सुनवाई के लिए नई बैंच का गठन करेंगे। सुप्रीम कोर्ट भी चाहता है कि कोरोना से लडऩे के लिए देश में एक प्लान बने। यहां यह खासतौर से उल्लेखनीय है कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में अंंतिम चरण का मतदान हो जाएगा। 23 अप्रैल को पीएम ने राजस्थान महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, केरल और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ संवाद किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को नहीं बुलाए जाने पर ममता बनर्जी ने नाराजगी जाहिर की है। ममता ने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों की वजह से पीएम की वीसी में शामिल नहीं किया गया। ममता अब भले ही नाराजगी जताई, लेकिन पूर्व में जितनी भी बैठकों में ममता को आमंत्रित किया गया, उन सभी का बहिष्कार ममता ने किया है।

G News Portal G News Portal
25 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.