इंटरनेट के जरिये जमानत आदेश भेजने की व्यवस्था बनाई जाएगीः सीजेआई

इंटरनेट के जरिये जमानत आदेश भेजने की व्यवस्था बनाई जाएगीः सीजेआई

नई दिल्ली, 16 जुलाई । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी आगरा जेल में बंद 13 कैदियों की रिहाई में हुई 4 दिनों की देरी के मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि इंटरनेट के जरिए जमानत के आदेश भेजने की व्यवस्था बनाई जाएगी। राज्य बताएं कि उनके यहां की सभी जेलों में इंटरनेट की सुविधा है या नहीं।

पिछले 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उन 13 कैदियों  को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, जिन्हे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अपराध के समय उन्हें किशोर करार दिया था। जस्टिस इंदिरा बनर्जी की अध्यक्षता वाली बेंच ने 13 कैदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।
ये 13 कैदी आगरा जेल में बंद हैं। इन कैदियों ने पिछले जून महीने में रिहाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया था। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने साफ-साफ पाया था कि अपराध घटित होने के समय सभी की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले का दुर्भाग्यपूर्ण पहलू ये है कि सभी कैदियों ने अबतक 14 से 22 वर्ष तक की सजा काट ली है। जबकि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 15 के तहत किसी नाबालिग को ज्यादा से ज्यादा 3 साल तक की सजा दी जा सकती है और वो भी जुवेनाइल होम में।

G News Portal G News Portal
23 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.