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ग्रामीणजन के लिए वरदान बना प्रशासन गांवों के संग अभियानसुशासन का संकल्प हो रहा साकारजयपुर, 11 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन की सोच के साथ आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के लिए प्रदेश में 2 अक्टूबर, 2021 से प्रशासन गांवों के संग अभियान का आगाज किया है। मुख्यमंत्री ने जिस भावना के साथ इस अभियान को शुरू किया है, उसी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर लोगों के काम हो रहे हैं। राज्य सरकार के 22 विभाग पूरे समन्वय के साथ इस अभियान को सफलता पूर्वक संचालित कर रहे हैं। अब तक अभियान में लाखों लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर राहत प्रदान की गई है। अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा अब तक 4 हजार 845 ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित कर 3 लाख 767 से अधिक पट्टों का वितरण कर ग्रामीणजन को बड़ी राहत पहुंचाई गई है। अभियान में लोगों के बरसों से लंबित ऎसे कामों को भी पूरा किया जा रहा है, जो किसी न किसी कारण से अब तक अटके हुए थे। सालों से अटके काम पूरे होने से लोगों के चेहरे पर चमक है तो गांवों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि राज्य सरकार सुशासन के संकल्प को पूरी कटिबद्धता से साकार कर रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित यह अभियान उनके लिए वरदान बन गया है। पट्टा जारी करने में कोटा जिला रहा अग्रणी उल्लेखनीय है कि अभियान के दौरान प्रदेश में कोटा 9 हजार 881 पट्टों का वितरण कर अग्रणी जिला रहा है। यहां पट्टा आवेदन का निस्तारण 99.50 प्रतिशत रहा है। इसी प्रकार अन्य जिलों जैसलमेर, बून्दी, नागौर एवं बारां में 98 प्रतिशत से अधिक पट्टा आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जा चुका है। अन्य जिलों में भी पट्टा वितरण का काम काफी तेजी से संपादित किया जा रहा है।9 हजार 594 भूखण्ड किये आवंटित प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत नियम 158 में बीपीएल परिवारों एवं गडरिया भेड़ पालकाें को 9 हजार 594 भूखण्ड आवटित किये गये हैं। इसी तरह घुमन्तू, अद्र्धघुमन्तू भेड़ पालकों को 1417 भूखण्ड आंवटित कर राहत प्रदान की गई है। आवासहीन परिवारों को भी 8 हजार 332 भूखण्ड आंवटित किये गये। इससे बरसों से अपने आवास का सपना देख रहे लोगों को बड़ा संबल मिला है।7316 हैण्डपम्प एवं ट्यूबवैल को किया दुरूस्तअभियान के दौरान गांवों में रोजमर्रा की समस्याओं को भी प्राथमिकता के साथ हल किया जा रहा है। आमजन को पेयजल की सुचारू आपूर्ति हो सके। इसे देखते हुए जनता जल योजना के अलावा सिंगल फेस के ट्यूबवैल एवं हैण्डपम्प को दुरूस्त करवाया गया है। इनमें 962 सिंगल फेस के ट्यूबवैल एवं 6 हजार 354 हैण्डपम्प शामिल हैं।34,606 परिवारों को 41.52 करोड़ का भुगतानप्रशासन गांवों के संग अभियान के अभियान के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के तहत 34 हजार 606 परिवार को शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि के रूप में 41.52 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। अभियान के दौरान नागौर जिले में सर्वाधिक 4 करोड़, जालौर में 3.58, बीकानेर में 3.37, जोधपुर में 3.49 एवं जयपुर में 2.80 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है।जन्म एवं मृत्यु के 1,17,936 प्रमाण पत्र जारी शिविरों के दौरान लोगों को आवश्यक प्रमाण-पत्र भी तत्परता के साथ जारी किए जा रहे हैं। अब तक जन्म एवं मृत्यु के 1 लाख 17 हजार 936 प्रमाण पत्र जारी किये गये हैं। सर्वाधिक प्रमाण पत्र नागौर जिले में 52 हजार 134 जारी किये गये हैं।गौरतलब है कि प्रशासन गांवों के संग अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री स्वयं सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने विभिन्न जिलों का दौरा कर इस अभियान के शिविरों का जायजा लिया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सेवाभाव एवं संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए अधिकाधिक लोगों को इस अभियान से लाभान्वित करें।—-
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