UNSC में भारत की दावेदारी पर अमेरिका ने बदला पैंतरा, कहा- वीटो करने का अधिकार नहीं
क्या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर भारत की दावेदारी को लेकर अमेरिका का रुख बदल रहा है? यह सवाल इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जो बयान दिया है वह पिछले 5-6 वर्षों के रवैये से अलग है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका यूएनएससी के विस्तार का समर्थन करता है, लेकिन दूसरे देशों को वीटो करने का अधिकार देने के पक्ष में नहीं है.
अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया था. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के बयान पर भारत ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हाल के महीनों में विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से 3 बार मुलाकात हुई है. दोनों के बीच विस्तार से द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा भी हुई है लेकिन उसमें यूएनएससी के विस्तार के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है कि हम यूएनएससी में कुछ विस्तार के समर्थन में हैं और स्थायी एवं अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने को लेकर सहमति बनाने के पक्ष में हैं. परंतु, इसके वीटो के अधिकार का विस्तार नहीं होना चाहिए. प्राइस का यह वक्तव्य भारत को समर्थन देने की अभी तक की अमेरिकी नीति से अलग है.
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