ब्राजील की संघीय गणराज्य सरकार, रूसी संघ, चीन के जनवादी गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका गणराज्य के कृषि मंत्रियों ने वर्चुअली “खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए कृषि जैव विविधता को सुदृढ़ करने के लिए ब्रिक्स की साझेदारी” विषय पर विचार-विमर्श किया।
इस बैठक में दीर्घकालिक विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन का उल्लेख किया गया और कहा गया कि ब्रिक्स देश भूख और गरीबी को मिटाने के लिए 2030 लंबे समय तक चल सकने वाले विकास लक्ष्यों के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं।
ब्रिक्स देशों की इस बैठक में मजबूत कृषि अनुसंधान आधार और ज्ञान का उपयोग और साझा करने की आवश्यकता, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की स्थिति में, उन्नत उत्पादकता के लिए बेहतर समाधान प्रदान करने के लिए प्रयोगशाला से भूमि पर प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण की सुविधा, कृषि जैव विविधता को बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ उपयोग को सुनिश्चित करना आदि पर विचार-विमर्श किया गया।
ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) कृषि अनुसंधान मंच को भारत द्वारा कृषि अनुसंधान, विस्तार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया गया है। ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच को कार्यात्मक बनाने और उत्पादकों और प्रोसेसर की जरूरतों को पूरा करने के लिए कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग और अनुप्रयोग में सुधार के लिए अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने की मंशा भी व्यक्त की गई।
ब्रिक्स की ग्यारहवीं बैठक की संयुक्त घोषणा पत्र और ब्रिक्स देशों के कृषि सहयोग के लिए 2021-24 की कार्य योजना और ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच पर गंभीरता से चर्चा की गई।
श्री संजय अग्रवाल, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, श्री अभिलाषा लिखी, अतिरिक्त सचिव, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और सुश्री अलकनंदा दयाल, संयुक्त सचिव, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने 12-13 अगस्त 2021 को सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स कार्यकारी समूह की वर्चुअल बैठक में भाग लिया।
***
एमजी/एएम/एके/एसएस
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.