कोविड के कारण करदाताओं एवं अन्य हितधारकों को आई कठिनाइयों के साथ-साथ आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) के प्रावधानों के तहत ऑडिट की विभिन्न रिपोर्टों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग में भी आई मुश्किलों पर विचार करने के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आकलन वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न एवं ऑडिट की विभिन्न रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथियों को और आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस संबंध में आगे का विवरण इस प्रकार है:
यह भी स्पष्ट किया जाता है कि परिपत्र संख्या 9/2021 दिनांक 20.05.2021 के खंड (12) एवं (13), परिपत्र संख्या 17/2021 दिनांक 09.09.2021 के खंड (4) एवं (5) और उपर्युक्त खंड (4) एवं (5) में उल्लिखित बढ़ाई गई तिथियां उन मामलों में अधिनियम की धारा 234ए के स्पष्टीकरण 1 पर लागू नहीं होंगी, जिनमें कुल आय पर कर की राशि उस धारा की उप-धारा (1) के खंड (i) से (vi) में निर्दिष्ट राशि से घटाने पर एक लाख रुपये से भी अधिक हो जाती है। इसके अलावा, अधिनियम की धारा 207 की उप-धारा (2) में उल्लिखित भारत में किसी व्यक्तिगत निवासी के मामले में उसके द्वारा अधिनियम की धारा 140ए के तहत अंतिम तिथि (परिपत्र संख्या 9/2021 दिनांक 20.05.2021, परिपत्र संख्या 17/2021 दिनांक 09.09.2021 और ऊपरोक्त अनुसार बिना तिथि विस्तार के) के भीतर भुगतान किया गया कर दरअसल अग्रिम कर माना जाएगा।
एफ.संख्या 225/49/2021/आईटीए-II दिनांक 11.01.2022 में सीबीडीटी परिपत्र संख्या 01/2022 जारी की गई। उक्त परिपत्र www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है।
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एमजी/एएम/आरआरएस/वाईबी
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