राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों की जांच के लिए बनेगी कमेटी, रिपोर्ट पर होगा एक्शन
मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही को बाधित करने और हंगामा करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सरकार की तरफ से इस मामले में राज्यसभा चेयरमैन एम. वेंकैया नायडू से शिकायत की गई थी, जिसके आधार पर इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी. इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगला एक्शन लिया जाएगा.
दरअसल, राज्यसभा में बीते 10 और 11 अगस्त को जमकर हंगामा हुआ था. सांसद टेबल पर चढ़ गए थे. साथ ही दरवाजे का शीशा टूटने और मार्शल को चोट लगने तक की बात सामने आई थी. हंगामे को लेकर सरकार की ओर से राज्यसभा चेयरमेन वेंकैया नायडू से एक शिकायत की गई थी. सरकार की तरफ से इस शिकायत में 15 से ज्यादा सांसदों के नाम दिए गए हैं, जिन पर सदन में हंगामा करने, मेज पर चढ़ने, महिला मार्शल से धक्कामुक्की करने के आरोप हैं.
जानकारी के अनुसार, शिकायत में कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन, रिपुन बोरा, प्रताप सिंह बाजवा, फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, अखिलेश प्रसाद सिंह, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और राजमणि पटेल के नाम हैं. इनके अलावा टीएमसी सांसद डोला सेन, शांता छेत्री, मौसम नूर, अबीर रंजन विश्वास और अर्पिता घोष के नाम भी हैं. शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई का नाम भी इस शिकायत में दिया गया है. वामपंथी पार्टी के ई. करीम और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह का नाम भी है. खबर के मुताबिक, एनडीए में बीजेपी के सहयोगी दल जदयू, अन्नाद्रमुक, आरपीआई, एनपीपी और एजीपी आदि दलों के नेता भी लिखित रूप में इन सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे.
जानकारीनुसार, सभापति अपने कार्यकाल के शेष भाग के लिए दोषी सांसदों की सदस्यता समाप्त करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन कड़ा संदेश देने के लिए जल्दी ही एक कमेटी बनाई जाएगी. इस कमेटी में विपक्ष के सांसद भी होंगे. करीब 7 से 9 सांसदों की कमेटी होगी, जिसे 1 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी. इस रिपोर्ट के आधार पर ही हंगामा करने वाले सांसदों पर कार्रवाई की जाएगी.
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