भारत सरकार, भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्र की प्रगति और राष्ट्र के लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास के उत्सव के रूप में “आज़ादी का अमृत महोत्सव” मना रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 मार्च, 2021 को साबरमती आश्रम, अहमदाबाद से ‘दांडी मार्च’ को हरी झंडी दिखाकर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोहों की शृंखला का शुभारंभ किया था। सरकार के विभिन्न मंत्रालय, विभाग, संस्थान और कई अन्य संस्थाएं स्वतंत्रता के इन 75 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएस पीआर) 16 से 18 अगस्त, 2021 के बीच वर्चुअल माध्यम से तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस विशिष्ट सम्मेलन का विषय है “समसामयिक परिप्रेक्ष्य में ऐतिहासिक आत्मावलोकन। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद के युग में 75 वर्षों के दौरान भारत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में नए भारत के निर्माण में भारतीय विज्ञान और वैज्ञानिकों के योगदान को सम्मानित करना है।
सम्मेलन में विज्ञान के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर केंद्रित छह महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए जाने हैं। जिसमें अतीत से शिक्षा, भारतीय एसटीआई में महत्वपूर्ण परिवर्तन, अकादमिक-उद्योग संबंध और उद्यमिता: औपनिवेशिक काल से वर्तमान समय तक, भारत में विज्ञान का विकास, 21वीं सदी में भारतीय विज्ञान और नई शिक्षा नीति 2020 शामिल हैं। सम्मेलन में इन तकनीकी सत्रों के अलावा दो पैनल चर्चाओं को भी सम्मिलित किया गया है। एक पैनल चर्चा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं की उपस्थिति के लिए समर्पित होगा, जिसका विषय है ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाएं: उभरते संदर्भ में चुनौतियां और अवसर’ है। दूसरी पैनल चर्चा “एक तर्कसंगत समाज के विकास के लिए विज्ञान संचार की भूमिका पर केन्द्रित होगी, जिसका विषय है ‘विज्ञान और समाज: नज़दीकी सहभागिता के लिए एक नए मॉडल के निर्माण हेतु विचार विमर्श।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि होंगे पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. रघुनाथ अनंत माशेलकर, जो इस कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। डॉ. माशेलकर एक भारतीय केमिकल इंजीनियर हैं और विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के पूर्व महानिदेशक हैं। उद्घाटन सत्र में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय आयोजन सचिव श्री जयंत सहस्रबुद्धे विशिष्ट अतिथि होंगे। आरंभिक सत्र में सीएसआईआर के वर्तमान महानिदेशक डॉ. शेखर सी. मंडे अध्यक्षीय भाषण देंगे। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों को जाने-माने वैज्ञानिक, शिक्षाविद, शोधकर्ता और विज्ञान प्रसारक संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के भाग लेने की संभावना है।
राष्ट्रीय सम्मेलन के बारे में बात करते हुए सीएसआईआर-एनआईएस पीआर की निदेशक प्रो. रंजना अग्रवाल ने कहा कि “हमें यह ज्ञात है कि भारत की एक समृद्ध वैज्ञानिक विरासत है और आधुनिक युग में भी हमारे वैज्ञानिकों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आजादी का अमृत महोत्सव हमें अपनी वैज्ञानिक विरासत के साथ आधुनिक विकास एसटीआई को फिर से देखने का अवसर देता है। सीएसआईआर-एनआईएस पीआर इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की विरासत को समकालीन परिप्रेक्ष्य में आत्मनिरीक्षण करने के लिए कर रहा है।
इस सम्मेलन के दौरान ही 16 अगस्त, 2021 को सीएसआईआर संस्थान के एनआईएस पीआर (राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान) के लोगो का भी शुभारंभ किया जाएगा। सीएसआईआर के दो मान्यता प्राप्त संस्थानों- राष्ट्रीय विज्ञान संचार संस्थान और सूचना संसाधन (एनआईएससीएआईआर) तथा राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विकास अध्ययन संस्थान (एनआईएसटीएडीएस) के विलय के बाद सीएसआईआर-एनआईएस पीआर का गठन किया गया है। इस नए संस्थान की मुख्य भूमिका विभिन्न हितधारकों के बीच विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति अध्ययन और विज्ञान संचार को बढ़ावा देने से संबन्धित है और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्योग और समाज के लिए एक सेतु के रूप में कार्य करने पर केन्द्रित है, जो देश में एक मजबूत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी इको सिस्टम के लिए आवश्यक है। संस्थान की मुख्य अनुसंधान गतिविधियां एसटीआई इको सिस्टम के विभिन्न क्षेत्रों, पारंपरिक ज्ञान, सतत विकास लक्ष्यों के तहत पहचानी गई विकासात्मक चुनौतियों, सरकार की नीति और कार्यक्रमों के लिए मजबूत संरेखण के साथ विज्ञान-समाज के अध्ययन पर केन्द्रित हैं। सीएसआईआर-एनआईएससपीआर तीन लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं (अंग्रेजी में विज्ञान रिपोर्टर, हिंदी में विज्ञान प्रगति और उर्दू में विज्ञान की दुनियां), तीन आर एंड डी न्यूजलेटर प्रकाशित करने के साथ-साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में 19 पत्रिकाओं का प्रकाशन करता है।
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