कीमतों पर नियंत्रण के लिए एक सप्ताह पहले खाद्य तेलों पर शुल्क की मानक दर में कटौती करने के केंद्र के साहसिक कदम के बाद, दैनिक थोक कीमतों में भारी अंतर आया है।
पैक किए जाने वाले पाम तेल के दैनिक थोक मूल्यों में 2.50प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद तिल के तेल में 2.08प्रतिशत, नारियल के तेल में 1.72प्रतिशत, पैक किए जाने वाले मूंगफली के तेल में 1.38प्रतिशत, पैक किए जाने वाले सूरजमुखी के तेल में 1.30प्रतिशत, पैक किए जाने वाले सरसों के तेल में 0.97प्रतिशत, पैक किए जाने वाले वनस्पति में 0.71प्रतिशतऔर पैक किए जाने वाले सोया तेल के दैनिक थोक मूल्योंमें 0.68प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी।
सभी राज्यों और खाद्य तेल उद्योग संघों के साथ बातचीत के आधार पर, अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता महसूस की गयी थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देश में साप्ताहिक आधार पर खाद्य तेलों/तिलहनों के स्टॉक की निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल तैयार कर रहा है। पोर्टल पर मिल मालिक, रिफाइनर, स्टॉकिस्ट और थोक व्यापारी आदि डेटा डालेंगे। राज्यों ने उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए खुदरा मूल्य को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
भारत सरकार ने 10 सितंबर, 2021 की तारीख वाली अधिसूचना संख्या 42/2021- सीमा शुल्क के जरिए 11.09.2021 से प्रभाव के साथ
1. कच्चे पाम तेल, कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी के तेल पर शुल्क की मानक दर को और कम करते हुए 2.5प्रतिशतकर दिया है।
2. रिफाइंड पाम तेल, रिफाइंड सोयाबीन तेल और रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर शुल्क की मानक दर में कटौती करते हुए उसे 32.5प्रतिशतकर दिया गया है।
इस कटौती की वजह से खाद्य तेलों की दैनिक थोक कीमतों में गिरावट हुई है।
उपरोक्त तालिका से यह पता चलता है कि पिछले हफ्ते से खाद्य तेलों के थोक मूल्य में कमी हुई है।
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एमजी/एएम/पीके/एसएस
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