डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यभार संभाला

डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यभार संभाला

डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यभार संभाला

डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यभार संभाल लिया।

कार्यभार संभालने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय पहल की हैं। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को पाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, ताकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लाभ आम आदमी तक पहुंच सकें और जीवन को आसान बनाने की दिशा में प्रभावी योगदान हो सके।

कार्यभार संभालने के बाद, मंत्री ने सचिव, डीएसटी, श्री आशुतोष शर्मा; सचिव डीबीटी, श्रीमती रेणु स्वरूप, सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, डॉ. एम. राजीवन, महानिदेशक, सीएसआईआर और सचिव, डीएसआईआर, श्री शेखर मांडे और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की।

इस अवसर पर डीजी, सीएसआईआर और सचिव, डीएसआईआर, श्री शेखर मांडे की तरफ से कोविड-19 से निपटने के उपायों पर एक प्रस्तुति (प्रजेंटेशन) भी दी गई। महानिदेशक, सीएसआईआर ने बताया कि महामारी के शुरुआती दिनों से ही सीएसआईआर ने देश में कोविड-19 के शमन की दिशा में विभिन्न उपायों और उत्पादों को लाने के लिए केंद्रित रणनीति के साथ काम किया है, जो मोटे तौर पर पांच क्षेत्रों में बंटा हैं: नैदानिकी (डायग्नोस्टिक); निगरानी (सर्विलांस); दवाएं और टीका; उपकरण व व्यक्तिगत सुरक्षा के साजो-सामान (पीपीई) और आपूर्ति श्रृंखला व रसद (लॉजिस्टिक्स)।

नैदानिकी के क्षेत्र में, सीएसआईआर ने फेलुदा नाम से एक नोवल डायग्नोस्टिक विकसित किया है। आरएनए को अलग किए बगैर ही सूखे स्वैब पर आधारित प्रत्यक्ष आरटी-पीसीआर डायग्नोस्टिक को भी विकसित किया गया है। सीएसआईआर, इंसाकॉग कंसोर्टियम के सक्रिय भागीदार के रूप में जीनोम संबंधी निगरानी में भी शामिल है। इसके अलावा, सीएसआईआर की तरफ से सीवेज सर्विलांस को भी अधिकतम स्तर तक उपयुक्त बनाया गया है।

कोविड-19 के उपचार के लिए दवाएं विकसित करने की दिशा में, सीएसआईआर पुनरुद्देशित दवाओं (पहले से उपलब्ध दवाओं के नए संयोजन) का क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है। उपकरणों के मोर्चे पर, सीएसआईआर ने उन्नत पीवीएसए टेक्नोलॉजी पर आधारित मेडिकल ग्रेड का स्वदेशी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर विकसित किया है। गैर-इनवेसिव वेंटिलेशन डिवाइस, ‘स्वस्थवायु’ और वेंटिलेशन गाइडलाइंस के साथ मॉड्यूलर यूवी रोगाणुनाशक भी विकसित किया गया है।

अस्पतालों की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए, सीएसआईआर अस्थायी अस्पतालों को बनाने/ सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है और आपूर्ति श्रृंखला संबंधी विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए, सीएसआईआर ने स्वास्थ्य देखभाल संबंधी आपूर्ति के लिए ‘आरोग्यपथ’ नामक एक वनस्टॉप प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल पर होस्ट किया गया है।

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