केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज सीआईआई एशिया स्वास्थ्य 2021 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘बेहतर कल के लिए स्वास्थ्य देखभाल में बदलाव’है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण का नतीजा है कि स्वास्थ्य को भारत में विकास से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले स्वास्थ्य का मतलब केवल इलाज था लेकिन अब विकास को स्वास्थ्य से जोड़ दिया गया है,जिससे देश में स्वास्थ्य और समृद्धि आएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निवारक देखभाल स्वास्थ्य क्षेत्र का एक अनिवार्य घटक है और कहा कि खेलो इंडिया, योग इत्यादि जैसी पहल एक स्वस्थ समाज के उद्देश्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के बेहतर भविष्य के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, किफायती, जवाबदेही, स्वीकार्यता और जागरूकता के लिए प्रतिबद्ध है और इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पूरे लगन से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाने के लिए आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (स्वास्थ्य बीमा योजना),आयुष्मान स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र,जेनेरिक दवाओं के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी),आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) और पीएम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन आदि जैसी विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि सरकार ‘टोकन से संपूर्ण स्वास्थ्य तक’ विषय पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन इस दिशा में ऐसी ही एक और पहल है, जिसे प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 25 अक्टूबर 2021 को प्रारंभ किया गया था। यह देश के स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने में मदद करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा को एक दूसरे से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नैनो और रोबोटिक प्रौद्योगिकियों जैसी नवीनतम तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। उनेहोंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एक ऐसी पहल है जो डिजिटल व्यवस्था का उपयोग जीवन को और आसान बनाने के लिए करेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जागरूकता पैदा करने के महत्व पर बोलते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान जन जागरूकता बढ़ाने के लिएप्रधान मंत्री द्वारा की चलाई गई सफल पहलों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि कैसे ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ और ‘दो गज की दूरी, मास्क है ज़रुरी ‘जैसे अभियान आम जनता तक पहुंचे और देश में कोविड-19 संक्रमण को रोकने में मदद की। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार क्षय रोग (टीबी),एड्स आदि जैसे अभियानों के सफल क्रियान्वयन में जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री मनसुख मांडविया ने यह भी बताया कि भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के अपार अवसर हैं। निजी क्षेत्र से भारतीय स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य पर्यटन का केंद्र बनने की क्षमता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर डालते हुए समापन किया कि सरकार ‘स्वस्थ समाज, समृद्ध राष्ट्र’ के सिद्धांत पर केंद्रित है और वह देश में इसे सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करेगी।
इस कार्यक्रम में सीआईआई के प्रमुख अधिकारियों सहित नीति आयोग के सदस्य डॉ. विनोद के पॉल,राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. आर.एस. शर्मा भी शामिल हुए।
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एमजी/एएम/एके
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