डॉ मनसुख मांडविया ने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) के राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की

डॉ मनसुख मांडविया ने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) के राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, डॉ मनसुख मांडविया ने आज आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) के तहत न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) के राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री ने व्यापक जन जागरूकता पैदा करने के लिए पीसीवी पर संचार और जागरूकता पैकेज भी जारी किए। इन संचार पैकेजों को आगे के उपाय और उपयोग के लिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किया जाएगा।

राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह देश में पहली बार है कि पीसीवी सार्वभौमिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि निमोनिया विश्व स्तर पर और भारत में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “न्यूमोकोकस के कारण होने वाला निमोनिया बच्चों में गंभीर निमोनिया रोग का सबसे आम कारण है। भारत में लगभग 16 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु निमोनिया के कारण होती है। पीसीवी की राष्ट्रव्यापी शुरुआत से बाल मृत्यु दर में लगभग 60 प्रतिशत की कमी आएगी।”

किसी भी देश के विकास, उत्पादकता और विकास में स्वस्थ बच्चों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और उन्हें स्वस्थ जीवन प्रदान करना हमारी जिम्मेदारी है। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया मिशन इंद्रधनुष इसी संबंध में किया गया एक प्रयास है। कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत माननीय प्रधानमंत्री के “सबको वैक्सीन, मुफ्त वैक्सीन” के विजन ने यह सुनिश्चित किया है कि देश भर में सभी पात्र आबादी को कोविड-19 टीका मिल सके। उन्होंने कहा कि पीसीवी का शुभारंभ बाल मृत्यु दर को कम करने के अलावा हमारे बच्चों के बेहतर स्वास्थ और विकास को सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी टीकाकरण कर्मचारियों, स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और अधिकारियों को इस जीवन रक्षक टीके को शुरू करने में उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। टीका के लिए संचार पैकेज जारी करते हुए, डॉ मनसुख मांडविया ने कहा कि टीका के बारे में जागरूकता पैदा करना एक महत्वपूर्ण चीज है। टीके का उद्देश्य हमारे बच्चों की जान बचाना है और यह तभी संभव होगा जब हम पूरे देश में एक सफल जागरूकता अभियान चलाएंगे।

 

यूआईपी के बारे में:

सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक है, जिसमें सालाना करीब 2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को कवर किया जाता है।

•     यूआईपी के तहत टीके से बचाव योग्य 12 बीमारियों के खिलाफ नि:शुल्क टीकाकरण प्रदान किया जा रहा है।

•     राष्ट्रीय स्तर पर 10 बीमारियों के खिलाफ टीकारकण चलाया जा रहा है, जो है- डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, पोलियो, खसरा, रूबेला, तपेदिक का गंभीर रूप, रोटावायरस डायरिया, हेपेटाइटिस बी और हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप बी के कारण होने वाला मेनिनजाइटिस और निमोनिया

•     उप-राष्ट्रीय या क्षेत्रीय स्तर पर दो बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जो है- न्यूमोकोकल न्यूमोनिया और जापानी एन्सेफलाइटिस; जिनमें से न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन का आज राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया गया है, जबकि जेई वैक्सीन केवल स्थानिक जिलों में प्रदान की जाती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अपर सचिव श्री विकास शील, संयुक्त सचिव श्री अशोक बाबू के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शुभारंभ कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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एमजी/एएम/केसीवी/एसएस

 

 

 

 

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