EC की बड़ी मांग- राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का मिले अधिकार
निर्वाचन आयोग ने केंद्र सरकार से फर्जीवाड़ा करने वाली राजनीतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का अधिकार देने की मांग की है. चुनाव आयोग ने ऐसी मांग पहली बार नहीं की. 1999 से ही आयोग सभी सरकारों और कानून मंत्रियों को समय आने पर इस मांग और जरूरत के बारे में बताता रहा है.
जानकारी के मुताबिक, पिछले दिनों कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने निर्वाचन आयोग के बारे में गहराई से जानने की जिज्ञासा जताई थी. इसके बाद उप आयुक्त स्तर के एक अधिकारी उनसे मिलने भी गए थे. इस दौरान उप आयुक्त ने कानून मंत्री को चुनाव सुधार को लेकर अपनी मांग और जरूरत के बारे में बताया था. चुनाव आयोग ने कानून मंत्री से मांग की थी कि आयोग को कानून के उल्लंघन का दोषी साबित होने वाली पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का भी अधिकार मिले.
अभी तक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के मुताबिक आयोग को राजनीतिक दलों का निबंधन करने का अधिकार है, लेकिन दोषी पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का नहीं है. ऐसे में इन अधिकारों का मिलना जरूरी है. आयोग को ये अधिकार दिए जाने की मांग की पुष्टि और समर्थन विधि आयोग अपनी रिपोर्ट में भी कर चुका है.
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