मत्स्य विभाग ने खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन के लिए गुणवत्‍तापूर्ण बीज उत्‍पादन पर वेबिनार आयोजित किया

मत्स्य विभाग ने खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन के लिए गुणवत्‍तापूर्ण बीज उत्‍पादन पर वेबिनार आयोजित किया

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्यपालन विभाग ने आज सचिव, मत्‍स्‍यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय श्री जतिंद्र नाथ स्वैन की अध्यक्षता में झींगा मत्‍स्‍यपालन पर विशेष ध्यान देते हुए खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर एक वेबिनार का आयोजन किया। यह वेबिनार आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का एक हिस्सा था। आज का वेबिनार खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन पर केंद्रित था। श्री स्वैन ने देश के मत्‍स्‍य उत्पादन में खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन क्षेत्र के योगदान और गुणवत्तापूर्ण मत्‍स्‍य बीज की उपलब्धता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के उद्देश्यों एवं लक्ष्यों के बारे में चर्चा की। साथ ही उन्‍होंने उत्तर भारतीय राज्यों के अंतर्देशीय खारे पानी और तटीय राज्यों में खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन के विकास के लिए पीएमएमएसवाई के तहत दी जा रही मदद के बारे संक्षेप में बताया।
मत्स्यपालन विभाग (डीओएफ) के सचिव अलावा श्री जतिंद्र नाथ स्वैन के अलावा संयुक्त सचिव (अंतर्देशीय मत्स्यपालन) और संयुक्त सचिव (समुद्री मत्स्यपालन) डॉ. जे. बालाजी ने भी वेबिनार को संबोधित किया और देश में खारे पानी के मत्‍स्‍यपालन के विकास की रूपरेखा के बारे में चर्चा की। इस वेबिनार में भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के अलावा राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के मत्स्यपालन विभाग के अधिकारी, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों व राज्य पशु एवं मत्स्यपालन विश्वविद्यालय के संकाय, देश भर के उद्यमी, किसान एवं हैचरी मालिक और मत्‍स्‍यपालन उद्योग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आईसीएआर- केंद्रीय खारा मत्‍स्‍यपालन कृषि संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ए. पाणिग्रही ने विशेष रूप से खारे पानी के झींगा मत्‍स्‍यपालन के विकास के लिए आवश्यक गुणवत्ता वाले बीज के विवरण पर एक प्रस्तुति दी। प्रस्तुति के बाद उद्यमियों, हैचरी मालिकों, वैज्ञानिकों के साथ सार्थक बातचीत हुई। संयुक्त सचिव (एमएफ) डॉ. जे. बालाजी ने उपस्थित विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा का नेतृत्व किया। उन्होंने सभा को बताया कि केंद्र सरकार ने व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण झींगा प्रजातियों के लिए चयनात्मक प्रजनन कार्यक्रम का प्रावधान रखा है और सरकार एक सप्ताह के भीतर लाइव फीड के आयात के लिए परमिट जारी करेगी।
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एमजी/एएम/एसकेसी

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