जश्न-ए-आज़ादी के 75 सालों का उत्साह पूरा देश एक साथ मना रहा है, जिसे “आज़ादी का अमृत महोत्सव” का नाम दिया गया है, – एक ऐसा महोत्सव जिसके तहत देश के हर क्षेत्र, हर राज्य, हर विभाग द्वारा किसी न किसी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जो देश के इतिहास में चलने वाला सबसे लंबा और सबसे ज्यादा लोगों के साथ मनाएं जाने वाला एकमात्र उत्सव होगा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 75 सप्ताह तक इस महोत्सव को मनाने का आग्रह किया है। जिसका उद्देश्य देश को विकास के पथ पर अग्रसर करना है और देश की जनता को लाभ पहुंचाना है।
‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ की एक अहम कड़ी के रूप में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बीते सप्ताह 6 सितंबर 2021 से 12 सितंबर 2021 तक ‘फूड प्रोसेसिंग सप्ताह’ का आयोजन किया गया।
‘फूड प्रोसेसिंग सप्ताह’ के दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री पशुपति कुमार पारस और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा कृषि से बाजार तक मूल्य श्रृंखला के साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 21 खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 416.59 करोड़ रूपये है। मंत्रालय द्वारा इन सभी को 104.21 करोड़ रूपयों की अनुदान सहायता दी गई है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय का हमेशा से यह उद्देश्य रहा है कि देश के हर वर्ग को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाएं, जिसके तहत इस सप्ताह जिन परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ उनसे न केवल इस क्षेत्र के उद्यमियों को लाभ मिलेगा अपितु स्थापित परियोजनाओं के आस-पास के इलाकों किसानों को भी लाभ मिलेगा और युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार के कई नए अवसर मिलेगें- जहां एक तरफ इन 21 परियोजनाओं द्वारा 32,300 किसान लाभांवित होगें तो वहीं दूसरी ओर करीबन 7,580 नए रोजगार का सृजन भी होगा और यही नहीं, इन परियोजनाओं द्वारा उपभोक्ताओं को भी मुनाफा होगा।
बीते साल कोरोना महामारी के दौर में जब कई बड़े देश आर्थिक रूप से जुझ रहे थे उस समय भारत सरकार अपने देशवासियों के लिए विकास कार्य में जुटी थी, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कई महत्वकांक्षी योजनाओं को शुरू किया गया, जो देश की जनता के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहे है, उसी कड़ी में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा पी.एम.एफ.एम.ई योजना की शुरूआत भी की गई, जो खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में सूक्ष्म और असंगठित उद्यमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है ।
इसी योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा गत सप्ताह हर दिन विभिन्न राज्यों में प्रसंस्करण क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम से जुड़े स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को सीड कैपिटल के रूप में सहायता राशि प्रदान की गई। यह राशि उनके उद्यम को मजबूती प्रदान करने और अपने उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदान की गई है। पूरे सप्ताह ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, असम, मेघालय, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के स्वयं सहायता समूहों के 4709 सदस्यों को 13.4155 करोड़ रूपयों की सहायता राशि सीड कैपिटल के तौर पर प्रदान की गई।
इसी के साथ पीएमएफएमई के अहम घटक ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत बीते सप्ताह प्रत्येक दिन देश के विभिन्न राज्यों में शहद, दूध, बेकरी आदि खाद्य उत्पादों के प्रसंस्करण व उनके मूल्य संवर्धन पर 7 ऑनलाइन-ऑफलाइन कार्यशाला व वेबिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य था विशेषज्ञयों द्वारा प्रसंस्करण क्षेत्र में अपना हाथ आज़मा रहे उद्यमियों को इस क्षेत्र की बारिकियों से अवगत करवाना व उनके उद्योग में और वृद्धि व मुनाफा कैसे हो उसके बारे में बताना। इन कार्यशालाओं व वेबिनार में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
इसके अतिरिक्त फूड प्रोसेसिंग सप्ताह के दौरान ‘आत्मनिर्भर उद्यम की कहानी’ नामक एक श्रृंखला की भी शुरूआत की गई, यह कहानी श्रृंखला पूरे सप्ताह के दौरान आकर्षण का केंद्र बनी, इस कहानी श्रृंखला में हर दिन पीएमएमएफएमई योजना के एक लाभार्थी की कहानी का मंचन मंत्रालय की वेबसाइट पर किया गया। इस श्रृंखला में 7 उद्यमियों और उनके उद्यम की प्रेरणादायी कहानियों को पाठकों से अवगत करवाया गया, जिसे पाठकों ने काफी सराहा।
पूरे सप्ताह सोशल मीडिया के मंच पर भी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रसस्कृत खाद्य उत्पादों और उसके प्रति जागरूकता अभियान को भी चलाया गया, जिसका एकमात्र उद्देश्य आम लोगों में प्रोसेस्ड फूड से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का था। हर दिन सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता से परिपूर्ण संदेशों को विडियो और ग्राफ्रिक्स के माध्यम से लोगों के समक्ष रखा गया जिसमें काफी लोग जुड़ें।
पूरे सप्ताह जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया व उनसे लोगों को मिले लाभ का विवरण –
दिन
परियोजनाओं की संख्या
परियोजनाओं की लागत
(करोड़ रूपयों में)
मंत्रालय द्वारा अनुदान राशि (करोड़ रूपयों में)
रोजगार सृजन
लाभांवित किसानों की संख्या
6.09.21
01
12.90
4.65
260
—
7.09.21
05
124.44
28.02
820
7700
8.09.21
01
16.94
9.36
200
300
9.09.21
06
76.76
24.19
2500
6800
10.09.21
07
164.46
27.99
3100
16500
11.09.21
—
—
—-
—-
—
12.09.21
01
21.09
10
700
1000
कुल
21
416.59
104.21
7580
32300
*****
एसएनसी / पीके / आरआर
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