भारत काबुल दूतावास नही करेगा बंद, वापस आने के लिए 1650 लोगों ने किया आवेदन, PM ने की अहम बैठक
अफगानिस्तान में तालिबान के पूर्णरूप से नियंत्रण के बाद वहां से लोगों को भागने का सिलसिला जारी है. भारत सरकार वहां पर फंसे हुए अपने नागरिकों को निकालने लगातार प्रयास कर रही है और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए विमान को भाड़े पर लेने के विकल्प पर भी विचार कर रही है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि लोगों को अफगानिस्तान से निकालने के लिए भारत की तरफ से ताजिकिस्तान के अयानी एयर बेस पर सी-17 विमान को तैनात किया गया है, क्योंकि काबुल एयरपोर्ट पर काफी भीड़ है. इसलिए भारतीय विमान को वहां पर स्टैंड बाय मोड में खड़ा किया गया है. अमेरिका के नियंत्रण वाले काबुल एयरपोर्ट को जैसे ही खाली कराया जाएगा, उसके बाद भारतीय विमान वहां पर आ जाएगा. इसके साथ ही, भारत के काबुल स्थित दूतास को बंद नहीं किया गया है. भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने बताया है कि करीब 1650 से ज्यादा लोगों ने भारत वापसी के लिए अपना आवेदन दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक बुलाई है. बैठक प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर शाम साढे 6 बजे शुरू हुई है. बैठक में अफगानिस्तान के ताज़ा हालात पर चर्चा की जा रही है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर के अमेरिका में होने की वजह से वे बैठक में नहीं हैं.
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट की इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल हुए. NSA अजित डोभाल की तरफ़ से विस्तार से अफगानिस्तान के हालत पर तथ्यों को रखा गया. बैठक में क्षेत्रीय राजनीतिक, सामरिक और कूटनीतिक हालत पर विस्तार से चर्चा की गई.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की तरफ़ से बताया गया है कि क्षेत्र के सभी प्रमुख देशों के साथ लगातार सम्पर्क में हैं. अफगानिस्तान में हालात तेज़ी से बदल रहे हैं और अभी भी अशरफ़ गनी के देश छोड़ने के बाद ये साफ़ नहीं है कि नई सरकार का स्वरूप कैसा होगा.
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