Description
बिजली चोरी की प्रभावी रोकथाम के लिए जयपुर डिस्कॉम का विशेष सतर्कता जांच अभियानसतर्कता जांच दलों ने दो दिन में 3 करोड़ 15 लाख की बिजली चोरी पकड़ी जयपुर, 19 नवम्बर। बिजली छीजत कम करने एवं बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक के निर्देशन में दो दिन का विशेष सतर्कता जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान में जयपुर डिस्कॉम के विजिलेन्स एवं ओ एण्ड एम विंग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रुप से लक्षित स्थानों पर विजिलेन्स चैकिंग की कार्यवाही की गई। जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक श्री नवीन अरोड़ा ने बताया कि डिस्कॉम क्षेत्र में बिजली चोरी की प्रभावी रोकथाम एवं विद्युत छीजत को न्यूनतम स्तर पर लाने के उद्देश्य से उच्चतम छीजत वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर 13 और 14 नवम्बर, 2021 को विशेष सतर्कता जांच अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि दो दिन में 1469 स्थानों पर की गई जांच में 1387 स्थानों पर बिजली चोरी एवं 82 स्थानों पर बिजली दुरुपयोग के मामले पकड़े गए हैं। पकड़े गए सभी मामलों में 3 करोड़ 15 लाख 5 हजार रुपए के राजस्व का निर्धारण किया गया है। जुर्माना राशि जमा करवाने के लिए संबंधितों को नोटिस जारी किये गए है। निर्धारित समयावधि में जुर्माना राशि जमा नही करवाने पर दोषियों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही हेतु संबंधित विद्युत चोरी निरोधक पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाने की कार्यवाही की जाएगी।श्री अरोड़ा ने बताया कि बिजली चोरी पकड़ने के लिए डिस्कॉम क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के तहत जयपुर नगर वृत में बिजली चोरी के 177 और बिजली दुरुपयोग के 68 पकड़े गए मामलों में 38 लाख 4 हजार रुपए के राजस्व का निर्धारण किया गया है। इसी तरह जयपुर जिला वृत में बिजली चोरी के 283 व दुरुपयोग के एक मामले में 78.05 लाख, अलवर वृत में बिजली चोरी 67 तथा दुरुपयोग के 3 मामलों में 24.12 लाख, दौसा वृत में बिजली चोरी के 100 और दुरुपयोग के एक मामले में 18.56 लाख, टोंक वृत में बिजली चोरी के 126 और दुरुपयोग के 3 मामलों में 25.52 लाख, भरतपुर वृत में बिजली चोरी के 180 मामलों में 43.02 लाख, धौलपुर वृत में बिजली चोरी के 63 मामलों में 12.63 लाख, सवाईमाधोपुर वृत में बिजली चोरी के 105 मामलों में 20.04 लाख, बूंदी वृत में बिजली चोरी के 123 और बिजली दुरुपयोग के 6 मामलों में 24.05 लाख तथा झालावाड़ वृत में बिजली चोरी के 163 मामलों में 30.28 लाख रुपए के राजस्व का निर्धारण किया गया है। प्रबन्ध निदेशक ने बताया कि डिस्कॉम की विजिलेन्स टीमें अब ऎसे बिजली कनेक्शनों की जांच भी करेगी जो लम्बे समय से बन्द पड़े हैं, जिनके पूर्व में बिजली चोरी या बकाया राशि के चलते कनेक्शन कट गए थे। इसकी जांच की जा रही है कि इन जगहों पर बन्द बिजली कनेक्शन के बावजूद भी बिजली का उपयोग कैसे हो रहा है। ऎसे स्थानों पर बिजली चोरी या अवध बिजली कनेक्शन मिलने पर एफआइआर दर्ज करवाने की कार्यवाही की जाएगी। बतया कि बिजली चोरी रोकने और छीजत में कमी लाने के लिए डिस्कॉम की विजिलेन्स टीमों द्वारा टारगेटेड विजिलेन्स चैकिंग का अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। —-
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.