पर्यटक स्थलों पर लपकों पर लगेगा अंकुश  अब पर्यटकों से दुर्व्यवहार करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई  – पर्यटन राज्य मंत्री 

पर्यटक स्थलों पर लपकों पर लगेगा अंकुश  अब पर्यटकों से दुर्व्यवहार करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई  – पर्यटन राज्य मंत्री 

पर्यटक स्थलों पर लपकों पर लगेगा अंकुश
 अब पर्यटकों से दुर्व्यवहार करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
– पर्यटन राज्य मंत्री
जयपुर, 13 सितंबर।  राज्य विधानसभा में सोमवार को राजस्थान पर्यटन व्यवसाय (सुकरकरण और विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस संशोधन के बाद अब पर्यटकों से  दुर्व्यवहार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सकेगी। अब यह संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आ गया है।
पर्यटन राज्य मंत्री श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सदन में विधेयक प्रस्तुत किया। उन्होंने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस संशोधन में धारा 27-क जोड़ा गया है। अब इसमें होने वाले अपराध संज्ञेय और जमानतीय होंगे। वहीं, धारा 13 की उपधारा 3 में अपराध की पुनरावृत्ति होने पर धारा 13 की उपधारा 4 में यह गैर जमानतीय होगा। ये विधेयक भिखारियों को परेशान करने के लिए न पहले था, ना ही अब है।
श्री डोटासरा ने कहा कि पर्यटन का व्यवसाय विकास की गति पकड़े, राजस्थान की आन-बान-शान की अच्छी अनुभूति लेकर पर्यटक वापस लौटें और उनके साथ दुव्र्यवहार को रोका जायें, इसी उददेश्य से वर्ष 2010 में विधेयक लाया गया था। अब इसमें संशोधन की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि उसमें जो सजा का प्रावधान था, उसमें अपराध संज्ञेय है या असंज्ञेय और सजा जमानतीय है या नहीं। ये अंकित नहीं था।
श्री डोटासरा ने सदन में कहा कि लपकों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जयपुर एवं उदयपुर में थाने खोले गए। वर्ष 2016 में रिपोर्ट भी दर्ज हुई और चालान प्रस्तुत किए गए। उस समय मामले में आरोपित हाईकोर्ट में गए। हाईकोर्ट ने जनवरी 2017 में कहा कि यह कहीं नहीं लिखा हुआ है ये संज्ञेय अपराध है।
श्री डोटासरा ने कहा कि पहले लगभग 54 प्रकरण दर्ज भी हुए, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद आगे न तो पुलिस एफआईआर कर सकती थी, ना ही कोर्ट कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती थी। इसके बाद भी पुलिस और पर्यटन विभाग ने लपकों के खिलाफ कार्रवाई की। इसमें वर्ष 2018 में 204, 2019 में 462, 2020 में 194 और वर्ष
2021 में 102 लोगों पर कार्रवाई की गई। इनमें अपराध संज्ञेय नहीं होने से कोर्ट में सिर्फ इस्तगासा पेश करने पर कुछ दंडनीय राशि लेकर छोड़ दिया जाता था। इसी कारण अपराध का रिकॉर्ड भी संधारित नहीं हो सकता था और अपराध की पुनरावृत्ति प्रमाणित नहीं कर सकते थे। अब ऎसा नहीं होगा।
श्री डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के पर्यटन की साख को और मजबूत बनाने के लिए कानून लाया गया है। आगे भी पर्यटन की दृष्टि से विधेयक में संशोधन की आवश्यकता हुई तो किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार पर्यटन क्षेत्र में 500 करोड़ रूपये की बजट घोषणा की गई। इससे पर्यटक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो टूरिस्ट गाइड रजिस्टर्ड नहीं है, उनको भी प्रशिक्षण देकर पंजीकरण कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इससे पहले सदन में विधेयक का जनमत जानने के लिए परिचालित करने के संशोधन प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया।

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