श्रम राज्य मंत्री ने प्रथम पर्यटक के रूप में टिकट लेकर शुरू किए पैनोरमा

श्रम राज्य मंत्री ने प्रथम पर्यटक के रूप में टिकट लेकर शुरू किए पैनोरमा

श्रम राज्य मंत्री ने प्रथम पर्यटक के रूप में टिकट लेकर शुरू किए पैनोरमा
जयपुर, 1 अगस्त। श्रम राज्य मंत्री श्री टीकाराम जूली ने रविवार को अलवर शहर में विजय मंदिर रोड स्थित राजऋषि महाराजा भर्तृहरि पैनोरमा एवं वीर हसन खां मेवाती पैनोरमा की पहले पर्यटक के रूप में टिकट लेकर आमजन के लिए विधिवत शुभारम्भ किया।
श्रम राज्य मंत्री श्री जूली ने इस अवसर पर कहा कि अलवर की संस्कृति प्राचीन काल से ही साझा संस्कृति रही है जो कि वर्तमान समय में भी विद्यमान है। उन्होंने कहा कि इन दोनों महान हस्तियों ने अलवर का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने वीर हसन खां मेवाती को नमन करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद होकर उन्होंने इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम अंकित कराया है। उनके इस बलिदान से पूरा राष्ट्र पे्ररणा लेता है। उन्होंने कहा कि राजऋषि महाराजा भर्तृहरि ने मानवता का उत्थान करने के लिए वैराग्य धारण किया। बाबा भर्तृहरि के बताए मार्ग हमें अच्छाई की दिशा पर चलने का संदेश देते हैं। उन्होंने दोनों पैनोरमाओं का अवलोकन कर कहा कि अलवर के पर्यटन के विकास में ये मजबूत कड़ी साबित होंगे। उन्होंने पैनोरमाओं के शेष कार्यों को पूर्ण कराने की घोषणा की।
इस दौरान राजऋषि अभय समाज के कलाकारों ने महाराज भर्तृहरि के वैराग्य धारण करने के प्रसंग के दृश्य को जीवंत किया। राजऋषि अभय समाज के श्री अनिल वशिष्ठ ने राजा भर्तृहरि से बाबा भर्तृहरि बनने तक के सफर के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने राजऋषि अभय समाज द्वारा सन् 1916 से पारसी रंगमच शैली में भर्तृहरि के नाटक के बारे में भी बताया।
मेव बोर्डिंग स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अनस ने वीर हसन खां मेवाती के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए न केवल खुद शहीद हुए बल्कि मेवात अंचल के 12 हजार सैनिकों ने भी अपनी शहादत दी। उन्होंने वतन को सर्वोपरि मानते हुए अन्य किसी बात से प्रभावित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि उनके मुल्क की एकता एवं अखण्डता के संदेश को एकजुटता के साथ बरकरार रखना है। उपखण्ड अधिकारी श्री योगेश डागुर ने बताया कि वीर हसन खां मेवाती पैनोरमा करीब 1 करोड़ 36 लाख रूपये एवं महाराज भर्तृहरि पैनोरमा करीब 4 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से बनकर तैयार हुए हैं जो कि उपखण्ड स्तरीय पर्यटन समिति को 21 जनवरी 2020 को सुपुर्द किए गए थे। कोरोना महामारी संक्रमण के चलते इन्हें अब आमजन के लिए सशुल्क खोला गया है।
पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक श्रीमती टीना यादव ने आगन्तुकों का आभार जताया।

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