नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने पिछले सप्ताह “आज़ादी का अमृत महोत्सव” के हिस्से के रूप में “सौर पार्क योजना में नए तरीकों का परिचय” पर एक वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार का उद्देश्य सौर पार्क योजना में पेश किए गए नए तरीकों पर चर्चा करना था जिससे योजना के बेहतर क्रियान्वन के सुझाव आ सकें।
वेबिनार के पैनल में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें केंद्र और राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ प्रबंधन से जुड़े हुए लोग शामिल थे। सत्र का संचालन विश्व बैंक की वरिष्ठ ऊर्जा विशेषज्ञ सुश्री सुरभि गोयल ने किया। वेबिनार में करीब 300 लोगों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। जिसमें राज्य सरकार के विभागों, सीपीएसयू, राज्य नोडल एजेंसियों और बड़े पैमाने पर जनता के प्रतिनिधि शामिल थे।
एमएनआरई के एडवाइजर ने वेबिनार में उद्घाटन सत्र को संबोधित किया और उसके बाद एक संक्षिप्त परिचय दिया और आगे के सत्र के लिए मॉडरेटर के लिए भूमिका तैयार की। वेबिनार में भाग लेने वालो को जानकारी दी गई कि आज की तारीख में सोलर पार्क योजना के तहत 37 गीगावाट की स्टोरेज क्षमता के 45 सोलर पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से योजना के मोड-8 के तहत लगभग 18 गीगावाट को मंजूरी दी गई है।
इसके बाद वक्ताओं ने सौर पार्कों के विकास के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए बताया कैसे नए तरीकों को अपनाकर सौर पार्कों की स्थापना में मदद की जा सकती है। उन्होंने इस काम में आने वाली चुनौतियों को भी साझा किया। वक्ताओं ने सोलर पार्क योजना में कुछ बदलाव/जोड़ने का भी सुझाव दिया। एमएनआरई के एडवाइजर ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अक्षय ऊर्जा की सभी तरह की परियोजनाओं के साथ सौर पार्क विकसित किए जा सकते हैं।
इसके बाद, फोरम के सभी प्रतिभागियों के लिए सवाल-जवाब सत्र का भी आयोजन किया गया। वेबिनार में शामिल सभी लोगों ने सक्रिय भागीदारी की और उनके प्रश्नों को पैनलिस्टों द्वारा संबोधित किया गया।
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एमजी/एएम/पीएस/एसएस
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