भारतीय तेल और गैस क्षेत्र ने नवाचारी व्यापार मॉडल के माध्यम से उत्प्रेरक वृद्धि देखी है। बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के साथ भारत की तेल और गैस की मांग में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बढ़ती हुई ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए उठाए गए कदम के रूप में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल के वर्षों में तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए परिवर्तनकारी सुधारों की दिशा में बड़ी भूमिका निभाई है।
सरकार के ईएंडपी उद्योग पहुंच कार्यक्रम के एक हिस्से के रूप में उद्योग और व्यापर जगत के दिग्गजों के साथ एक विचार-विमर्श बैठक 24 सितंबर, 2021 गुवाहाटी में आयोजित की जा रही है। इस आयोजन का विषय “पूर्वोत्तर क्षेत्र में ई एंड पी निवेश अवसर” है।
इस कार्यक्रम में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली और असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम के मंत्री पूर्ण सत्र में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माता, ऑपरेटर, सेवा कंपनियां, शिक्षाविद्, निवेशक और उद्योग चैंबर्स शामिल होंगे।
एक क्षेत्र के रूप में पूर्वोत्तर क्षेत्र का भारत को आत्मनिर्भर बनाने की यात्रा में तेल और गैस क्षेत्र में एक बड़ा रणनीतिक महत्व रहा है। यह क्षेत्र अपस्ट्रीम से डाउनस्ट्रीम तक पूरी तेल और गैस मूल्य श्रृंखला को कवर करता है।
इस आयोजन में पूर्वोत्तर क्षेत्र में तेल और गैस के व्यापक अवसरों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारतीय तलछटी घाटियों की उच्च मात्रा में तेल और गैस परिसंपत्तियों के पोर्टफोलियो का विपणन करना और हाइड्रोकार्बन अन्वेषण और लाइसेंसिंग नीति, खोजी गई छोटी क्षेत्र नीति की बोली के दौर को बढ़ावा देना है। इस आयोजन का विषय पूर्वोत्तर भारत के लिए हाइड्रोकार्बन विजन 2030 से जुड़ा हुआ है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास को उत्प्रेरित करने के लिए और लोगों के जीवनस्तर में सुधार लाने, युवाओं के लिए अवसर पैदा करने तथा सतत ऊर्जा सुरक्षित भविष्य बनाने के लिए हाइड्रोकार्बन के उत्पादन और उपयोग में एक आदर्श बदलाव लाना है।
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एमजी/एएम/आईपीएस/एचबी
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