रेलवे में फिल्मांकन को आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) में स्थापित फिल्म सुविधा कार्यालय (एफएफओ) और रेल मंत्रालय ने रेलवे के परिसरों में फिल्मांकन की अनुमति लेने को सुव्यवस्थित और प्रभावकारी बनाने हेतु एकीकृत एकल खिड़की फिल्मांकन व्यवस्था सुनिश्चित की है। रेलवे सदैव ही भारत के सिनेमा संबंधी उत्कृष्ट अनुभव का अहम हिस्सा रही है। कई फिल्मों में भारतीय रेलवे को सेल्युलाइड पर बड़ी खूबसूरती से दर्शाया गया है।
भारत में फिल्मांकन को आसान बनाने के साथ-साथ दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं के लिए भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए ही एफएफओ की स्थापना की गई है। इसका वेब पोर्टल भारत भर में फिल्मांकन के लिए एकल खिड़की सुविधा एवं मंजूरी व्यवस्था के साथ-साथ भारत में फिल्मांकन के लिए सूचनाओं का एकल-स्थल डिजिटल संग्रह भी है।
अब तक विदेशी और भारतीय फिल्म निर्माता (और/या उनके प्रतिनिधिगण) रेलवे में फिल्म शूटिंग की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन जमा करने के लिए 17 जोनल रेलवे और रेलवे बोर्ड (नई दिल्ली) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाया करते थे। अब एफएफओ वेब पोर्टल (www.ffo.gov.in ) को एकल खिड़की सुविधा के रूप में सुनिश्चित कर देने के बाद फिल्म निर्माता यहां तक कि एक से अधिक जोनल रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न रेलवे स्थलों पर फिल्मांकन के लिए भी केंद्रीकृत तरीके से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा कर देने के बाद जोनल रेलवे में संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाएगा और वे एफएफओ के पोर्टल पर आवेदन प्राप्त कर सकते हैं एवं अनुमोदन की उचित प्रक्रिया के बाद दी गई अनुमति को अपलोड कर सकते हैं। यह पोर्टल आवेदक के साथ-साथ अनुमति देने वाले प्राधिकारी को भी शूटिंग की अनुमति संबंधी अनुरोध के पारदर्शी और समय पर निष्पादन के लिए आवेदन से जुड़ा कोई भी प्रश्न करने और उसके निराकरण के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
एकीकरण का उद्देश्य विभिन्न स्थानों में फिल्मांकन के लिए अनुमति प्राप्त करने के लिए उन खिड़कियों की संख्या को कम करना है जहां फिल्म निर्माताओं को जाना पड़ता है। इतना ही नहीं, यह पोर्टल आवेदक के साथ-साथ अनुमति देने वाले प्राधिकारी को भी आवेदन से जुड़ा कोई भी प्रश्न करने और उसके निराकरण के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। इस पारदर्शी व्यवस्था से शूटिंग की अनुमति संबंधी अनुरोध का समयबद्ध निष्पादन संभव हो पाता है।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ श्री सुनीत शर्मा ने कहा, ‘भारतीय रेलवे का भारतीय सिनेमा के साथ लंबा जुड़ाव रहा है और इसने भारतीय सिनेमा को विभिन्न फिल्मों, गीतों एवं वृत्तचित्रों की शूटिंग के लिए सदैव आवश्यक सहयोग दिया है। भारतीय सिनेमा ने भी रेलवे को उचित और सौंदर्यपूर्ण तरीके से पेश करके अपनी ओर से अहम भूमिका निभाई है। यह नई व्यवस्था सभी भौगोलिक क्षेत्रों में फिल्म निर्माताओं के काम आएगी। हम विभिन्न रेलवे परिसरों में फिल्मांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए फिल्म निर्माताओं का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि रेलवे को आगे भी पटकथाओं और कथाओं में एक जीवंत किरदार के रूप में ही दर्शाया जाएगा।’
इस संबंध में सूचना और प्रसारण सचिव श्री अपूर्व चंद्रा ने कहा, ‘मुख्य उद्देश्य रेलवे जैसे विभिन्न स्थलों में फिल्मांकन को आसान बनाकर फिल्म निर्माताओं को सुविधा प्रदान करना है जहां ऐसे अद्वितीय, विशिष्ट स्थल सुलभ होते हैं जो फिल्मांकन की कथा को आगे बढ़ाने में मददगार होते हैं। विभिन्न हितधारकों के साथ जुड़ने का हमारा प्रयास इसी दिशा में है। रेलवे हमेशा से ही भारत के सिनेमाई इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और फिल्म निर्माताओं को इस नव निर्मित व्यवस्था का लाभ उठाना चाहिए, ताकि भारत के विशाल और अनूठे रेलवे नेटवर्क को उनकी कथा में पिरोया जा सके।’
एफएफओ का पोर्टल www.ffo.gov.in रेलवे की ओर से फीचर फिल्मों, टीवी/वेब शो और सीरीज के लिए आवेदन स्वीकार करेगा। वृत्तचित्र/संगीत वीडियो और एवी विज्ञापनों के लिए निर्माता सीधे रेलवे को आवेदन कर सकते हैं।
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एमजी/एएम/आरआरएस/डीए
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