चीन की कंपनियों को मोदी सरकार ने 5G ट्रायल में हिस्सा लेने की मंजूरी करी रद्द
जैसे ही मोदी सरकार ने चीन की कंपनियों को भारत में 5G ट्रायल में हिस्सा लेने की मंजूरी को रद्द कर दिया। भारत के इस फैसले से चीन तो परेशान हुआ और उसने अफसोस भी जताया। इससे बड़ा कार्य भारत में बैठे चीन के हमदर्द और जो उसके इशारे पर कार्य करते हैं उन्होंने भ्रामक जानकारियां सोशल मीडिया पर डालनी शुरू कर दी ताकि भारत के भोले भाले लोगों को गुमराह किया जा सके।
यहां यह बताना बहुत ही उपयोगी होगा ताकि पूरे भारत की नागरिक जान सके कि 5G ट्रायल करने के लिए रिलायंस जिओ भारती एयरटेल वोडाफोन आइडिया और एमटीएनएल जैसे दूरसंचार कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है साथ में यह भी कहा गया है चीनी कंपनियों की तकनीकों का इस्तेमाल कोई भी नहीं करेगा। कहीं ना कहीं आज 5G को लेकर जो सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है उसका सबसे बड़ा कारण यही है कि चीन की कंपनियों को भारत में 5G से दूर कर दिया गया है।
हम आपको बता दें चीन की कंपनियों को 5G ट्रायल से बाहर करने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री मनीष तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान में पंजाब से सांसद जी भी पिछले वर्ष केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद जी से बोल चुके हैं उन्होंने कहा था अमेरिका ने भी चीन की कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
सोशल मीडिया विशेषज्ञ डॉक्टर तिवारी ने बताया कि मोदी सरकार ने जैसे ही 5G से चाइना को किया बाहर, भ्रमित जानकारियां सोशल मीडिया पर डाली जाने लगी, कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता मोदी विरोध में यह भी भूल गए कि इसकी सत्यता क्या है वह केवल उन मैसेज को फॉरवर्ड करते चले जा रहे हैं जो चीन के हमदर्द भारत में बैठे हुए फैला रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रमित जानकारी डाल रहे हैं कि चाइना के राष्ट्रपति ने अपने देश में 5G का प्रयोग ना करने के लिए कहा है। इस प्रकार के मैसेज से सावधान रहें कुछ लोग चाइना के इशारे पर कार्य कर रहे हैं उससे हमें बचना होगा
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