सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर निरंतर विश्लेषण करें नोडल अधिकारी – परिवहन आयुक्त

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर निरंतर विश्लेषण करें नोडल अधिकारी – परिवहन आयुक्त

सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों पर निरंतर विश्लेषण करें नोडल अधिकारी
– परिवहन आयुक्त
– परिवहन भवन में इंटीगेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आई.आर.ए.डी) सॉफ्टवेयर की समीक्षा बैठक
जयपुर, 18 अगस्त। परिवहन आयुक्त श्री महेंद्र सोनी की अध्यक्षता में बुधवार को इंटीगेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आई.आर.ए.डी) सॉफ्टवेयर की समीक्षा बैठक एवं आमुखीकरण कार्यशाला आयोजित हुई। विशेषज्ञ के रूप में आईआईटी मद्रास से प्रोफेसर श्री वेंकटेश बालासुब्रमण्यम शामिल हुए। बैठक में श्री सोनी ने आई.आर.ए.डी से जुड़े सभी स्टेक होल्डर विभागों के नोडल अधिकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आई.आर.ए.डी पर केवल सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का संग्रहण करना मात्र ही हमारा कार्य नहीं है। ये तो सिर्फ शुरूआत है। आंकड़ों पर निरंतर विश्लेषण किया जायें, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर कमी लाने की रणनीति तैयार की जा सकें।
समीक्षा बैठक में सॉफ्टवेयर में आंक़ड़ों के संग्रहण करने के बाद की स्थिति और आ रही समस्याओं के बारे में 3 घंटे तक चर्चा हुई। श्री सोनी ने सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के सामने आ रहे इश्यूज के समाधान के लिए सुझाव मांगे, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में सुधार किया जा सकें।
श्री सोनी ने कहा कि एक मिशन बनाकर और सोशल सर्विस की तरह आई.आर.ए.डी पर कार्य किया जायें। इससे ही सड़क दुर्घटनाओं व उनसे होने वाली मृत्यु पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी ट्रोमा सेंटर्स की भी ऑनलाइन मेपिंग जल्द से जल्द की जायें, ताकि दुर्घटना के समय घायल को नजदीकी सेंटर तक पहुंचाने में आसानी हो सकें।
श्री सोनी ने पुलिस विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आई.आर.ए.डी पर दुर्घटना के आंकड़ों का संग्रहण करने और अन्य स्टेक होल्डर विभागों तक सूचनाएं पहुंचाने में बेहतरीन कार्य किया हैं। सभी विभाग भी इसी तरह कार्य करें।
बैठक में प्रोफेसर वेंकटेश ने कहा कि दुर्घटना के आंकड़ों का संग्रहण करने के साथ-साथ मौका स्थिति की फोटो और वीडियोग्राफी भी सही तरीके से की जायें। पुलिसकर्मी द्वारा रिपोर्ट अपलोड करते ही सभी संबंधित विभागों को सूचना पहुंच जानी चाहिए। सड़क पर किसी भी कारण से हो रही दुर्घटनाओं को सॉफ्टवेयर पर जरूर अपलोड किया जायें। नोडल अधिकारियों के अलावा सभी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार होने चाहिए।
इस बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) श्री हरीश कुमार शर्मा, संयुक्त परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) श्रीमती निधि सिंह सहित सभी विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।
आई.आर.ए.डी में परिवहन, पुलिस, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग (यूडीएच-एलएसजी), राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम (आरएसआरडीसी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और रिडकोर की प्रमुख भूमिका हैं।

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