खनिज उत्खनन की विशाल संभावनाओं का द्वार खोलना

खनिज उत्खनन की विशाल संभावनाओं का द्वार खोलना

एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2015 ने अपेक्षित लाइसेंस और खनन पट्टे के संदर्भ में खनिज संबंधी रियायतों के आवंटन में पारदर्शिता की शुरुआत की। इस निरंतर प्रयास में मार्च 2021 में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम को और अधिक उदार बनाया गया है। हाल के संशोधन से खनन क्षेत्र में रोजगार और निवेश में वृद्धि, राज्यों को राजस्व में वृद्धि, खनिजों के उत्पादन में वृद्धि और खदानों का समयबद्ध संचालन, पट्टेदार के परिवर्तन के बाद खनन कार्यों में निरंतरता बनाए रखने, खनिज संसाधनों की खोज और नीलामी की गति में वृद्धि होने की उम्मीद है।

इस संशोधन के साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दृष्टि को साकार करने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने नीलामी के लिए 100 भूगर्भीय संभावित खनिज ब्लॉकों को चिन्हित किया है।

इन 100 रिपोर्टों को राज्य सरकारों को सौंपने से देश में खनिजों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और अधिक संख्या में खनिज ब्लॉकों को नीलामी की प्रक्रिया में लाकर राज्य सरकारों को अधिक राजस्व प्राप्त होगा। उक्त रिपोर्ट दिल्ली में 8 सितंबर, 2021 को सौंपे जाने के के लिए आयोजित समारोह में खान, कोयला और संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी के साथ खान, कोयला और रेल राज्य मंत्री श्री रावसाहेब पाटिल दानवे मुख्य अतिथि होंगे।

समय के साथ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य खनिज भंडार की महत्वपूर्ण खोजों की आवृत्ति कम हो गई है और यह जबरदस्त तकनीकी प्रगति के बावजूद एक विश्वव्यापी घटना है। इसलिए ऐसी स्थिति में लीक से हटकर सोचने, नए दृष्टिकोण विकसित करने, सहयोग बढ़ाने और सरकारी तथा निजी क्षेत्रों की उत्साही भागीदारी की आवश्यकता है। उपर्युक्त परिदृश्य में, जीएसआई द्वारा राज्य सरकारों को 100 रिपोर्ट सौंपना खनन क्षेत्र, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

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एमजी/एएम/एसकेएस/एचबी

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