दुर्घटनाग्रस्त होने से बची राजधानी, 30 की जगह 130 से दौड़ाई
त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (02431) शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। मथुरा- निजामुद्दीन के बीच राजधानी को 30 की जगह 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया। रेलवे द्वारा मामले की जांच की जा रही है। इस राजधानी को कोटा का ही चालक दल चला रहा था।
सूत्रों ने बताया कि होडल रेलवे स्टेशन पर पटरियों के रखरखाव का काम किया जा रहा है। इसके चलते यहां पर गति प्रतिबंध लगाया हुआ है। सतर्कता आदेश के कारण यहां से ट्रेनों को धीमी रफ्तार से निकाला जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि राजधानी ट्रेन सुबह करीब 7 बजे कोटा पहुंची थी। यहां कोटा के ही चालक और गार्ड ट्रेन में ड्यूटी पर चढ़े थे। इसके बाद कोटा स्टेशन मास्टर ने चालकों को होडल में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने के आदेश थमाए थे।
आदेश भूले चालक
राजधानी सुबह करीब 11बजे होडल पहुंची। यहां चालक इन आदेशों को भूल गए। इसके बाद चालक राजधानी को 30 की जगह 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाते ले गए। मामले में खास बात यह है कि घटना के समय ट्रेन में लोको निरीक्षक भी मौजूद था। लोको निरीक्षक ने भी चालकों से सतर्कता आदेशों की पालना करवाना जरूरी नहीं समझा। यह लोको निरीक्षक भी कोटा का ही है।
मचा हड़कंप
राजधानी को तेज रफ्तार में पास होता देख मौके पर काम कर रहे इंजीनियर और ट्रैकमेंटेनरों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद की राजधानी तेज रफ्तार से पास हो गई। इंजीनियरों ने मामले की सूचना तुरंत स्टेशन मास्टर, कंट्रोल रूम और अपने अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही कोटा और आगरा रेल मंडल में हड़कंप मच गया। आगरा मंडल ने तुरंत मामले जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच के लिए अधिकारी निजामुद्दीन स्टेशन भी पहुंच गए।
इंजन से गायब हुई फ्लॉपी
सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद इंजन से फ्लॉपी गायब मिली है। उल्लेखनीय है कि इस फ्लॉपी में इंजन की रफ्तार दर्ज होती है। माना जा रहा है कि अपने बचाव के लिए यह फ्लॉपी चालक दल ने गायब की है। हालांकि इंजन में अन्य जगह भी रफ्तार दर्ज होती है। ऐसे में चालको का बचना मुश्किल लग रहा है।