Description
माइंस विभाग द्वारा 6 जनवरी तक 4234 करोड़ कारिकार्ड राजस्व राजकोष में जमा-एसीएस माइंस -यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में एक हजार करोड़ रु. अधिक का राजस्व संग्रहित-एसीएस माइंस ने की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए अधिकारियों की हौसला अफजाईजयपुर, 9 जनवरी। माइंस विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि राज्य के माइंस विभाग ने 6 जनवरी तक एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व संग्रहित कर नया रेकार्ड स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि माइंस विभाग द्वारा 6 जनवरी तक 4234 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व संग्रहित किया गया है। यह पूर्व के दो सालों की इसी अवधि की तुलना में एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व है। उन्होंने राजस्व संग्रहण की उल्लेखनीय उपलब्धि पर अधिकारियों की हौसला अफजाई की है।एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग की उच्चस्तरीय नियमित मोनेटरिंग का ही परिणाम है कि प्रदेश में माइंस विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण का नया रिकार्ड बनाया जा रहा है। आरएसएमईटी, एनएमईटी, डीएमएफटी की राशि को भी जोड़ने के बाद यह राशि बढ़कर 5170 करोड़ रुपए से भी अधिक हो जाती है। उन्होंने बताया कि योजनावद्ध प्रयासों, लगातार समीक्षा, छीजत पर प्रभावी रोक के निर्देश, अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर सख्त कार्यवाही के निर्देशों का परिणाम रहा है कि प्रदेश में माइंस विभाग के राजस्व संग्रहण मंन उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है।डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा समय समय पर की गई विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान खोज खनन कार्य को गति देने और राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी का परिणाम है कि विभागीय कार्यों को गति मिली है। उन्होंने बताया कि माइंस मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया ने भी एसीएस माइंस के साथ संभाग स्तर पर संवाद व समीक्षा की पहल की है। जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने लगे हैं।डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कोविड पूर्व के वर्ष 2019-20 में इसी अवधि में 3141 करोड़ रुपए का राजस्व मिला था वहीं कोविड के बावजूद सकारात्मक प्रयासों से वर्ष 2020-21 में इसी अवधि में 3244 करोड़ का राजस्व संग्रहित हुआ। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इस वित्तीय वर्ष में 6 जनवरी तक 4234 करोड़ 16 लाख रुपए का राजस्व जमा हुआ है जो गए साल की इसी अवधि से 30 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रक्रिया वित्तीय वर्ष के अंत में लक्ष्यों अर्जित करने की रहती है पर विभाग ने आरंभ से ही प्रतिदिन के राजस्व संग्रहण के आधार पर मोनेटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।निदेशक माइंस श्री केबी पण्ड्या ने बताया कि एक मोटे अनुमान के अनुसार राज्य में खनन गतिविधियों से 6 से 8 लाख लोगों को प्रत्यक्ष व 22 से 25 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद विभाग द्वारा राजस्व बढ़ोतरी के सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।निदेशक माइंस श्री पण्ड्या ने बताया कि समन्वित व समग्र प्रयासों से खान विभाग द्वारा राजस्व वसूली के प्रयासों में तेजी लाई गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अवैध खनन व परिवहन गतिविधियों पर सख्त कार्यवाही की जा रही है जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। —-
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.