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जलदाय मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठकजलदाय मंत्री ने दिए विभागीय अभियानों के तहत संचालित कार्यों की रैंडम चेकिंग के निर्देशजयपुर, 25 नवम्बर। जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने प्रदेश में विभाग के तहत संचालित होने वाले नियमित अभियानों में गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यों की समयबद्ध रूप से ‘रैंडम चौकिंग‘ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हैण्डपम्प मरम्मत अभियान, नए हैंडपम्प एवं ट्यूबवेल लगाने तथा जल परिवहन जैसे अभियानों में रैंडम चेकिंग आवश्यक रूप से हो, जिससे यह तय किया जा सके कि कार्य पूर्ण होने के बाद मौके पर जनता को उनका फायदा ठीक प्रकार से मिल रहा है।डॉ. जोशी गुरुवार को जल भवन में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित पहली बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विस डिलीवरी को किस प्रकार और बेहतर बनाते हुए राज्य में जनहित के सर्वश्रेष्ठ कार्य हो सकते हैं, विभागीय अधिकारी इस दिशा में भी सोचे और अपने सुझाव दें।परियोजनाओं में डेडलाइन की सख्ती से पालना होजलदाय मंत्री ने कहा कि सभी पेयजल परियोजनाओं में डेडलाइन की सख्ती से पालना की जाए और कार्यों में निर्धारित मानदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही उपयोग हो, इसके लिए मॉनिटरिंग तंत्र को मजबूत बनाते हुए जांच एवं निरीक्षण की संख्या में बढ़ोतरी की जाए। जल जीवन मिशन (जेजेएम) सहित सभी पेयजल परियोजनाओं के कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा कर लोगों को लाभांवित करने के लिए और सघन प्रयास किए जाए। उन्होंने प्रदेश में लम्बित पेयजल परियोजनाओं के कार्यों में श्गैपश् के बारे में अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद रखेंडॉ. जोशी ने बैठक में कहा कि सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद रखें और उनके स्तर से आने वाले समस्त प्रकरणों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध समाधान की कार्यवाही सुनिश्चित करे। उन्होंने आमजन की पेयजल सम्बंधी शिकायतों और समस्याओं को भी पूरी गम्भीरता से लेते हुए उन पर नियमित रूप से त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग से सम्बंधित मुख्यमंत्री की घोषणाओं, बजट घोषणाओं तथा अन्य घोषणाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने भी पूरा फोकस हो।पानी के अपव्यय को रोका जाएजलदाय मंत्री ने कहा कि कच्ची बस्तियों और कई स्थानों पर लीकेज की वजह से लोगों के उपयोग में आने से अधिक मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता है। प्रदेश में इस प्रकार की स्थितियों को रोकने के लिए हर संभव उपाय किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियंता को अपने क्षेत्र में कहीं पर भी लीकेज के कारण पानी के अपव्यय की सूचना मिले तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाए। यदि लीकेज का प्रकरण किसी दूसरे अभियंता के क्षेत्र से सम्बंधित हो तो भी आपसी सामंजस्य से उसकी रिपेयर के लिए तत्काल उपाय किया जाए।कार्यों में गति लाने के निर्देशबैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में प्रस्तुतीकरण के दौरान महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को पेयजल परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के लिए आवश्यक निर्देश प्रदान किए। संयुक्त शासन सचिव-प्रथम श्रीमती पुष्पा सत्यानी ने आभार व्यक्त किया।ये रहे मौजूदबैठक में संयुक्त शासन सचिव-द्वितीय श्री प्रताप सिंह, उप शासन सचिव श्री राजेन्द्र चतुर्वेदी, मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू) श्री सीएम चौहान, मुख्य अभियंता (ग्रामीण) श्री आर. के. मीना, मुख्य अभियंता (प्रशासन) श्री राकेश लुहाड़िया, मुख्य अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) मुख्य अभियंता (जेजेएम) श्री दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) श्री दलीप कुमार गौड़, मुख्य अभियंता (तकनीकी) श्री संदीप शर्मा, मुख्य रसायनज्ञ श्री राकेश माथुर सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे। —–
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