बाघ परियोजना संरक्षित क्षेत्रों के प्रमाण-आधारित प्रबंध की समीक्षा  -वन बल प्रमुख ने ली तीनों टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशकों की बैठक

बाघ परियोजना संरक्षित क्षेत्रों के प्रमाण-आधारित प्रबंध की समीक्षा -वन बल प्रमुख ने ली तीनों टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशकों की बैठक

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बाघ परियोजना संरक्षित क्षेत्रों के प्रमाण-आधारित प्रबंध की समीक्षा-वन बल प्रमुख ने ली तीनों टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निदेशकों की बैठकजयपुर, 9 अक्टूबर। राज्य की प्रत्येक बाघ परियोजना क्षेत्र का प्रबंध योजना के अनुरूप  क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। विशेष रुप से पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण एवं विकास, जैव-विविधता संरक्षण, वन्यजीव प्रबंध, तथा मानव और वन्य जीवों के बीच होने वाले संघर्ष व उनकी सुरक्षा के मद्देनजर मिटिगेटिव मेजर्स क्रियान्वित किये जायेंगे। शुक्रवार को इस संबंध में वन बल प्रमुख डॉ. दीप नारायण पाण्डेय द्वारा चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन और तीनों बाघ परियोजनाओं के क्षेत्र निदेशकों के साथ विचार-विमर्श किया गया।श्री पाण्डेय ने बताया कि बाघ संरक्षण के संबंध में चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन और तीनों बाघ परियोजनाओं के निदेशकों के साथ आज बैठक की गई। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत बाघ संरक्षण रणनीति तथा प्रोटेक्टेड एरिया मैनेजमेंट प्लान में निर्दिष्ट योजना के अनुरूप कार्यवाही करवाए जाने के निर्देश क्षेत्र निदेशकों को दिए गए हैं। उन्होंने क्षेत्र निदेशकों से रिवाइल्डिंग, कॉरिडोर विकास और मानव एवं वन्य जीव संघर्ष को कम करने हेतु मिटिगेटिव मेजर्स को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।बैठक में एमटी-4 बाघ को मुकुंदरा में बने एंक्लोजर से छोड़े जाने हेतु राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा 5 अक्टूबर 2021 को गठित टीम के अगले सप्ताह के प्रस्तावित दौरे के बारे में क्षेत्र निदेशक मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (कोटा) द्वारा अवगत करवाया गया। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि एमटी-4 को छोड़े जाने के पश्चात रणथंभोर में निरूद्ध बाघ को मुकुंदरा ले जाने की संभावनाओं पर विचार किया जा सकेगा। साथ ही सरिस्का में एसटी-6 का विशेषज्ञों से स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान श्री अरिंदम तोमर ने तीनों बाघ संरक्षण क्षेत्रों की भिन्नता तथा उसके कारण उनकी प्रबंधकीय परिस्थितियों को विस्तार पूर्वक बताया। श्री तोमर ने राज्य में वन्य जीव संरक्षण के संदर्भ में दीर्घकालिक रणनीति तथा उस रणनीति के अनुरूप निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में रणथंभौर बाघ परियोजना के क्षेत्र निदेशक श्री टीसी वर्मा, सरिस्का बाघ परियोजना के क्षेत्र निदेशक श्री आरएन मीणा और मुकुंदरा परियोजना के क्षेत्र निदेशक श्री सेडूराम यादव मौजूद थे।

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