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संस्कृत शिक्षा विभाग को मिली पदोन्नतियों की सौगातजयपुर, 21 जनवरी। संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग में विद्यालय संवर्ग के विभिन्न 165 पदों हेतु आज राजस्थान लोकसेवा आयोग ने पदौन्नति की बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा संस्कृत महाविद्यालयों में कार्यरत सलेक्शन स्केल के एपीआई स्कोर वाले 21 व्याख्याताओं की पे-बैण्ड-4 के लिए भी स्क्रिनिंग समिति की बैठक आयोजित की गई।संस्कृत महाविद्यालयों में वर्ष 2012 में पहली बार मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा यूजीसी वेतनमान स्वीकृत किये गये। महाविद्यालय शिक्षकों द्वारा 7वां वेतन आयोग तथा पे-बैण्ड-4 की मांग लम्बे समय से की जा रही थी। इस पर मुख्यमंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए वर्ष 2021 में स्वीकृति प्रदान की। संस्कृत शिक्षा के इतिहास में महाविद्यालय शिक्षकों को अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर पहली बार पे-बैण्ड-4 दिया गया है। डॉ. कल्ला ने बताया कि विद्यालय संवर्ग हेतु आज आयोजित पदोन्नति की बैठक में संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी/सहायक निदेशक के 9 पदों, प्रधानाध्यापक (प्रवेशिका) के 5 पदों, विभिन्न विषयों के विद्यालय शाखा के प्राध्यापकों के 142 पदों तथा वरिष्ठ अध्यापक (टीएसपी) के 9 पदों हेतु पदोन्नतियाँ की गई। इस प्रकार विद्यालय संवर्ग के कुल 165 पदों हेतु कार्मिकों की पदोन्नतियाँ की गई।डॉ. कल्ला ने बताया कि महाविद्यालय संवर्ग ने जिन सलेक्शन स्केल प्राप्त व्याख्याताओं को बिना एपीआई स्कोर पे-बैण्ड-4 दिया जाना हैं उनके सम्बन्ध में विभाग द्वारा प्रस्ताव भिजवाये जा चुके हैं तथा इन्हें भी यथाशीघ्र पे-बैण्ड-4 स्वीकृत करने हेतु प्रयास किये जायेंगे।इस बीच संस्कृत महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने पे-बैण्ड-4 स्वीकृत किये जाने के इस ऐतिहासिक निर्णय को लेकर मुख्यमंत्री तथा संस्कृत शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया है।डॉ. कल्ला ने बताया कि संस्कृत महाविद्यालयों के सेवा नियम कार्मिक तथा वित्त विभाग की स्वीकृति पश्चात् अब आरपीएससी की सहमति (कनकरेंस) हेतु भेजे जा चुके हैं। उक्त सहमति शीघ्र ही प्राप्त हो जायेगी।&&&&&
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