ट्रिब्यूनल सदस्यओं-अध्यक्षों की नियुक्ति में देरी पर SC फिर नाराज, पूछा- ट्रिब्यूनल को खत्म करने वाले बिल लाने के पीछे क्या थी मंशा?
देश में ट्रिब्यूनल के सदस्यओं और अध्यक्षों की नियुक्ति में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर गहरी नाराजगी जाहिर की है. आज एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुझे एक भी ट्रिब्यूनल दिखाइए, जहां नियुक्तियां हुई हो. अदालत ने कहा कि 2017 में ही इस बाबत आदेश आया था तब से ही ये अदालत नियुक्तियों के लिए कई बार आदेश पारित कर चुकी है.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर संसद में कुछ ट्रिब्यूनल को समाप्त करने का विधेयक लाने के पीछे उसकी मंशा क्या थी? जबकि सुप्रीम कोर्ट ने वैसे ही एक अध्यादेश को खारिज कर दिया था.
चीफ जस्टिस एनवी रमणा ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वो कोर्ट को वो कारण बताएं जो संबंधित मंत्री ने ऐसे विधेयक को सदन के पटल पर रखते हुए बताए थे. सॉलिसिटर जनरल के आग्रह पर कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार को हफ्ते भर की मोहलत दे दी है. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि प्रशासनिक पंचाट सहित कुछ ट्रिब्यूनल में रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो रही हैं, इसलिए वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए 2 हफ्ते की मोहलत चाहिए.
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