कर अधिकारी बाजारों में लगाएं जागरूकता कैम्प,
एमनेस्टी स्कीम से जुड़ने के लिए व्यवहारियों को करें प्रेरित-मुख्य कर आयुक्त
जयपुर, 14 जुलाई। वाणिज्यिक कर विभाग के मुख्य आयुक्त श्री रवि जैन ने संभाग में पदस्थापित कर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी बाजारों में जाकर जागरूकता कैम्प लगाएं और व्यवहारियों को एमनेस्टी स्कीम के लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। आयुक्त बुधवार को विभाग के समस्त संभागो में पदस्थापित अतिरिक्त आयुक्त (प्रशासन) एवं मुख्य कर निर्धारण अधिकारियों की वीडिओ कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
आयुक्त ने कहा कि एमनेस्टी स्कीम-2021 में देय आकर्षक छूटों का बकायादारों को लाभ देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा 16 से 31 जुलाई तक “एमनेस्टी जनसम्पर्क पखवाड़ा” मनाया जाना प्रस्तावित है। पखवाड़े को सफल बनाने के लिए सभी कर अधिकारी प्राथमिकता से फील्ड में जाकर व्यवहारियों से व्यक्तिशः संपर्क करें और उन्हें स्कीम से जोड़े। अधिकारी बाजारों में कैम्प लगाए और व्यापारिक संगठनों से चर्चा करें ताकि अधिकतम व्यवहारी स्कीम से जुडे़। कर अधिकारी इन कैम्प की फोटो व प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्यालय को भी प्रेषित करें। साथ में कर अधिकारी व्यवहारियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क का भी संचालन करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में राज्य सरकार की प्राथमिकता एमनेस्टी स्कीम के माध्यम से व्यवहारियों को आर्थिक राहत देना है। स्कीम की अत्यधिक आकर्षक छूटों का लाभ प्रथम चरण के अंतर्गत 31 जुलाई तक देय है जिसके लिए विशेष “एमनेस्टी जनसम्पर्क पखवाड़ा” की योजना बनाई गई है। अतः सभी व्यवहारी स्कीम का लाभ ले और सभी कर अधिकारी प्राथमिकता से पखवाड़े को सफल बनाने पर कार्य करें।
ज्ञातव्य है कि विभाग द्वारा संचालित एमनेस्टी स्कीम-2021 के प्रथम फेज की समयावधि राज्य सरकार द्वारा 31.07.2021 तक बढ़ा दी गई है। स्कीम में प्रथम बार आकर्षक छूटों का प्रावधान किया गया हैं। बकाया मांग पर उपार्जित ब्याज के साथ-साथ मांग में शामिल सम्पूर्ण ब्याज, सम्पूर्ण विलम्ब शुल्क, शास्ति की राशि व मूल कर में प्रथम बार छूट दी जा रही है।
मुख्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने जीएसटी राजस्व अर्जन, विभिन्न मदों में बकाया मांग के निष्पादन, जीएसटी ऑडिट एवं एंटी-इवेजन की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक निर्देश भी प्रदान दिए। उन्होंने कर अधिकारीयों को निर्देश दिए कि वे शीघ्र डिफाल्टर व्यवहारी से संपर्क करे और रिटर्न भरवाए। किसी भी स्थिति में महीनों की पेंडेंसी ना करें। साथ में कर अधिकारी एक्स पार्टी से संबधित मामले विभाग द्वारा निर्धारित मानक प्रचालन-प्रकिया (SOP) के आधार पर निस्तारित करें। 30 सितम्बर 2021 तक ऎसे मामले का निस्तारण सुनिश्चित हो।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन (कोटा) श्रीमति आराधना सक्सेना, विशेष आयुक्त एंटी-इवेजन श्री उत्सव कौशल, विशेष आयुक्त वैट एंड आईटी श्री शरद मेहरा, विशेष आयुक्त प्रशासन मुख्यालय श्री जगवीर सिंह, विशेष आयुक्त एमईए श्री रमेश चंद लखोटिया, विशेष आयुक्त बिजनस ऑडिट श्री हेमंत जैन, विशेष आयुक्त कर श्री हवाई सिंह व अन्य अधिकारीगण उपस्थित थें।