आयकर विभाग ने कुछ भारतीय कंपनियों और पड़ोसी देश द्वारा नियंत्रित उनकी सहयोगी कंपनियों पर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया

आयकर विभाग ने कुछ भारतीय कंपनियों और पड़ोसी देश द्वारा नियंत्रित उनकी सहयोगी कंपनियों पर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया

आयकर विभाग ने 16.11.2021 को कुछ भारतीय कंपनियों और एक पड़ोसी देश द्वारा नियंत्रित उनकी सहयोगी कंपनियों पर महाराष्ट्र, गुजरात तथा दिल्ली में तलाशी अभियान और जब्ती अभियान चलाया है। ये कंपनियां रसायन, बॉल बेयरिंग, मशीन कल-पुर्जे और सूई निर्माण मशीन का कारोबार करती हैं। मुंबई, अहमदाबाद और गुजरात के गांधीधाम तथा दिल्ली में स्थित करीब 20 परिसरों में तलाशी अभियान चलाया गया।

इन कंपनियों द्वारा बेहिसाब आय दिखाने वाले डिजिटल डेटा के रूप में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक सबूत पाए गए हैं और उन्हें जब्त कर लिया गया है। यह पाया गया है कि ये कंपनियां बहीखातों में हेराफेरी कर टैक्स चोरी में लिप्त हैं। सबूतों के विश्लेषण से पता चला है कि ये कंपनियां मुखौटा कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करके पड़ोसी देश में धनराशि हस्तांतरित करने में संलिप्त रही हैं। उक्त तरीके से पिछले 2 वर्षों में अनुमानित 20 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई।

जांच से पता चला है कि मुंबई की एक पेशेवर फर्म ने न केवल इन मुखौटा कंपनियों के गठन में मदद की, बल्कि इन मुखौटा कंपनियों को नकली निदेशक भी मुहैया कराए। जांच से यह भी पता चला है कि ये नकली निदेशक या तो पेशेवर फर्म के कर्मचारी/चालक थे या वे बेकार व्यक्ति थे। पूछताछ करने पर, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इन कंपनियों की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और वे प्रमुख पदाधिकारियों के निर्देश के अनुसार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे थे। पेशेवर फर्म ने बैंकिंग और अन्य नियामक आवश्यकताओं के लिए अपना पता देकर विदेशी नागरिकों की सहायता करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।

रसायन का व्यापार करने वाली ऐसी कंपनियों में से एक को, खरीद के दावे को मार्शल द्वीप, जहाँ टैक्स बहुत कम लगता है, से आगे बढ़ाते हुए पाया गया था। कंपनी ने वास्तव में एक पड़ोसी देश की कंपनी से 56 करोड़ रुपये के सामान खरीदे, लेकिन इसका बिल मार्शल आइलैंड से आया है। हालांकि, ऐसी खरीद के लिए भुगतान मार्शल आइलैंड स्थित एक कंपनी के बैंक खाते में किया गया है, जो पड़ोसी देश में है। तलाशी के दौरान यह भी पता चला कि यह भारतीय कंपनी अपनी कर देयता को कम करने के लिए गैर-वास्तविक खरीद के बिल लेने में भी शामिल थी और इसने भारत में भूमि की खरीद के लिए बिना हिसाब के नकद में भुगतान किया था।

तलाशी अभियान में अब तक करीब 66 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद की जा चुकी है। कुछ कंपनियों के बैंक खातों, जिनका कुल बैंक बैलेंस लगभग 28 करोड़ रुपये है, के संचालन पर रोक लगा दी गयी है।

आगे की जांच जारी है।

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एमजी/एएम/जेके/डीवी                                                                                   

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