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परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री के प्रथम दो दिवसीय दौरे में 100 से अधिक जगह स्वागत, झुंझुनू के ग़ांधी चौक पर हुई सभाजयपुर, 27 नवंबर। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा मंत्री श्री बृजेन्द्र ओला ने कहा कि सड़क सुरक्षा विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। विभाग द्वारा प्रदेश में 100 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्राइमरी ट्रॉमा सेंटर के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए 24 करोड़ रुपये राशि चिकित्सा विभाग को दे दी गई है। इन ट्रॉमा सेंटर से प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को नजदीक ही तुरंत उपचार मिल सकेगा। ओला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के मंत्री पद का कार्यभार ग्रहण संभालने के बाद शनिवार को पहले दौरे पर रहे। सुबह जयपुर सिविल लाइन्स स्थित अपने निवास से रवाना होने पर झुंझुनू तक 100 से अधिक स्थानों पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माला, साफा पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने मंत्री को स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया, जिस पर उन्होंने जल्द ही निस्तारण करने का आश्वासान दिया। अंत में झुंझुनू के ग़ांधी चौक पर विशाल जनसभा का आयोजन हुआ। जिसमें उन्होंने परिवहन सेवा को हर गांव से जोड़ने के लिए कहा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग अब परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग बन गया है। इसलिए हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता सड़क दुर्घटनाओ को रोकना है। सीकर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ओला ने बताया कि विभाग द्वारा कई सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे लोगों को अब परिवहन कार्यालय में कम से कम जाना पड़ेगा। विभाग ने हाल ही में लर्निंग लाइसेंस, गुड्स परमिट, इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस, कर चुकता प्रमाण पत्र‘ (टीसीसी) सहित कई सेवाओं के आवेदन ऑनलाइन किये गए है ओर आगे भी कई नवाचार किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने वाले गुड सेमेरिटन को मुख्यमंत्री चिरंजीवी जीवन रक्षा योजना के तहत 5 हजार रूपये और प्रमाण पत्र से प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि ई-व्हीकल की खरीद पर स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स पुनर्भरण व एकमुश्त अनुदान दिया जा रहा है। इसमें दोपहिया वाहन में 5 हजार, 10 हजार और तिपहिया में 10 से 20 हजार रूपये तक विभिन्न बैटरी क्षमता श्रेणी में अनुदान राशि दी जा रही है। वर्तमान सरकार में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के बेडे़े में 875 नई बसें शामिल की गई। हमारी प्राथमिकता रहेगी कि सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों के परिलाभ उन्हें जल्द से जल्द मिल जाएं। रोडवेज बसें संचालित करना राज्य सरकार का सामाजिक सरोकार है। इसे घाटे से उभारने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग की और से आदेश जारी कर अभियान के जरिये प्रदेश की एम्बुलेंसों में लाइव व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लगवाए गए हैं। अब इसे सार्वजनिक परिवहन साधनों में भी लगवाए जाने की योजना है। इससे सभी यात्री वाहनों की निगरानी हो सकेगी। 21 हजार सड़क दुर्घटनाओं की एंट्री परिवहन मंत्री ओला ने बताया कि इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस ( IRAD )सॉफ्टवेयर के जरिए प्रदेश में हो रही सड़क दुर्घटनाओं का पूरा डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके बाद अध्ययन कर दुर्घटना के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। जनवरी 2021 से लेकर अभी तक 21 हजार से अधिक एंट्री की जा चुकी है। ओला ने कहा कि परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन परिवहन का सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन कर ‘मॉडल स्टेट‘ के रूप में पहचान बनाई हैं। इस दौरान शुरू में प्रदेश में सिर्फ 5 टैंकर थे । इसके बाद पूरी टीम ने 24 घंटे काम करते हुए 55 टैंकर देशभर से एकत्रित किये और उनके जरिए मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई प्रदेश के कोने-कोने में पहुंचाई इसी तरह सड़क सुरक्षा में भी राजस्थान देश में ‘मॉडल स्टेट‘ बनने जा रहा है।
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