केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जम्मू और कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए ‘नई केंद्रीय क्षेत्र योजना’ के तहत इकाइयों के पंजीकरण के लिए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जम्मू और कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए ‘नई केंद्रीय क्षेत्र योजना’ के तहत इकाइयों के पंजीकरण के लिए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया

     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जम्मू और कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए ‘नई केंद्रीय क्षेत्र योजना’ के तहत इकाइयों के पंजीकरण के लिए वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री श्री जितेन्द्र सिंह, गृहराज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्री सोमप्रकाश, वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री श्रीमति अनुप्रिया पटेल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा और केन्द्रीय गृह सचिव समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।  

     अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि इस पोर्टल के शुभारंभ के साथ ही जम्मू-कश्मीर में निवेश और औद्योगिक विकास की एक नई सुबह की शुरूआत होगी। उन्होने कहा कि आज जम्मू कश्मीर में विकास के नए युग की शुरूआत हुई है और ये एक अलग, विकास और शांति के रास्ते पर चल चुका है। श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि धारा 370 और 35ए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में रोज़ग़ार और ख़ुशहाली की एक नई शुरूआत होगी और उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा करने के लिए ये एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। श्री शाह ने कहा कि आज से लांच हुए इन्टरएक्टिव वेब पोर्टल से जम्मू-कश्मीर में 50,000 करोड़ रूपए से भी ज़्यादा का निवेश आएगा और इसके तहत जम्मू-कश्मीर का सर्वसमावेशी, सर्वस्पर्शी विकास होगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस पोर्टल में पहले से ही सभी शिकायतों को दूर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का औद्योगिक विकास, उसके लिए अच्छा वातावरण, और दुनिया के साथ स्पर्धा करने वाली नीति, ये मोदी सरकार का हॉलमार्क है। उन्होने कहा कि इसका फ़ायदा जम्मू-कश्मीर तक नहीं पहुंचता था, यहां के युवाओं को रोज़ग़ार के लिए सरकारी उपक्रमों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसमें सबसे बड़ी बाधा धारा 370 और 35ए थी, लेकिन 5 अगस्त को मोदी जी के नेतृत्व में धारा 370 और 35ए को निरस्त करने के बाद, एक खुला वातावरण बना, और रोज़ग़ार की ढेर सारी संभावनाएं जम्मू-कश्मीर के लिए बनीं। उन्होंने कहा कि देशभर के उद्योगपति भी चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का विकास हो, यहां निवेश करके वो अपना तो फ़ायदा करेंगे ही, साथ ही जम्मू-कश्मीर के विकास में योगदान भी देना चाहेंगे। इसके लिए एक ऐसी नीति चाहिए थी जो उन्हें स्पर्धा में बनाए रखे। उन्होंने कहा कि जीएसटी में प्लांट और मशीनरी पर 300 प्रतिशत तक का रिफंड दस साल तक के लिए दिया गया है। ब्याज सब्सिडी और रिवाइवल पैकेज की भी इसमें व्यवस्था है और इससे एक जो वातावरण बनेगा उससे कई अन्य सहायक उद्योग भी जम्मू-कश्मीर में आएंगे।

     श्री अमित शाह ने कहा कि पहले से चल रहे उद्योगों के लिए इसमें कई प्रावधान किए गए हैं, जिसका फ़ायदा वे उठा सकते हैं, और मुझे पूरा भरोसा है कि इससे लाखों युवाओं को रोज़ग़ार मिलना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, शिक्षा और आईटी के अलावा ढेर सारी अन्य संभावनाओं को भी ये नीति आगे बढ़ाएगी। श्री शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 2019 से विकास का वातावरण बनाने का काम शुरू हो चुका है।  उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जी ने 7 नवंबर, 2015 को श्रीनगर में 80,068 करोड़ रूपए के पैकेज की घोषणा की थी, उसमें से लगभग 58,627 करोड़ रूपए की 54 परियोजनाओं का काम शुरू हो चुका है, जिनमें से 17 योजनाएं शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं। 31 मार्च, 2021 तक केन्द्रीय सहायता के रूप में राज्य को 30 हज़ार करोड़ रूपए से ज़्यादा की राशि जारी की गई। जम्मू-कश्मीर में 7 नए मेडिकल कॉलेज और 5 नए नर्सिंग कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं और मेडिकल सीटों की संख्या 500 से बढ़ाकर लगभग दोगुनी कर दी गई है।

     केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कई पनबिजली परियोजनाएं चालू की गई हैं जिनसे राजस्व बढ़ने के साथ ही उद्योगों को भी फ़ायदा होगा। उन्होंने कहा कि 9,167 करोड़ रूपए की 196 मेगावाट क्षमता वाली उज्ह पनबिजली परियोजना लगभग 31,380 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करेगी। कृषि का विकास होने से यहां के लोगों की आय बढ़ेगी और अर्थतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि किश्तवार ज़िले में 8,120 करोड़ रूपए की लागत से 1000 मेगावाट क्षमता वाली पाकल ढुल परियोजना सबसे बड़ी परियोजना है, इसका काम दिसंबर, 2024 तक पूरा हो जाएगा और इससे 3330 मिलियन यूनिट वार्षिक बिजली उत्पादन होगा।

     श्री अमित शाह ने कहा कि वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को जम्मू-कश्मीर ने लागू कर दिया है, और उज्ज्वला, डीबीटी, सौभाग्य और कई योजनाएं जम्मू-कश्मीर में शत-प्रतिशत लागू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति का जीवनस्तर ऊपर उठता है तो उसकी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं और इससे अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा वातावरण बनता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने एक महत्वाकांक्षी योजना, जिसमें 2022 से पहले हर घर में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, और 15 अगस्त 2022 तक जम्मू-कश्मीर सरकार ये लक्ष्य पूरा करेगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एकमात्र ऐसा राज्य है जहां हर व्यक्ति को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला है और अब तक 94,990 लोग इसका लाभ ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी के तहत अब तक 56000 ऩए घर बनाए जा रहे हैं जिनमें से 10,500 घर बनाकर दे दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के तहत 1,36,722 घरों को स्वीकृति दे दी गई है जिनमें से 47,323 घर देने का काम पूरा हो चुका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि क्या फ़र्क आया है, उनसे मैं ये कहना चाहता हूं कि 70 साल में पिछली सरकारें राज्य के लगभग 2,20,000 परिवारों को घर, शौचालय और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पाए, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2-3 साल में ही ये सभी ज़रूरी सुविधाएं लोगों को उपलब्ध करा दीं। उन्होंने कहा कि इस योजना को बनाते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि कम विकसित क्षेत्रों में उद्योग लगाने वालों को अधिक फ़ायदा मिलेगा जिससे उद्योगों की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर का सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी विकास हो सके। उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख लोगों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के माध्यम से 1736 करोड़ रूपए की राशि वितरित की जा चुकी है। जम्मू-कश्मीर में एक यूटी काडर भी है जिससे पर्याप्त संख्या में मानव बल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही हिंदी और अंग्रेज़ी को उर्दू और डोगरी के साथ आधिकारिक भाषा का दर्जा दे दिया गया है जिससे कार्य और सुगम होंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, बिना एक भी गोली चले ये चुनाव हुए और आज सभी लोग अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं। इन चुनावों से जम्मू-कश्मीर में विकास की एक नई शुरूआत हुई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित होने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बहुत बढ़ी है और अब पर्यटक यहां आकर मुक्त हवा का आनंद ले रहे हैं और ख़ुद को यहां से जोड़ भी पा रहे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी बड़े ही मन से दिल खोलकर जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए ये योजना लाए हैं और मैं देश के उद्योगपतियों से ये अनुरोध करता हूं कि वो यहां आएं और इस योजना का लाभ उठाकर जम्मू-कश्मीर में निवेश करें और इसे देश का सबसे विकसित राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। श्री शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ स्थानीय लोगों की ही नहीं है, बल्कि हम सबकी भी है तभी जम्मू-कश्मीर के साथ हमारा मन का रिश्ता बनेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा और उनके प्रशासन ने बहुत अच्छा काम किया है और स्थानीय जनता के साथ संवाद स्थापित किया है जिसने जम्मू-कश्मीर की जनता का विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और पूरा देश जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए कटिबद्ध है। श्री अमित शाह ने कहा कि आज हम सब मिलकर ये संकल्प लें कि इस पोर्टल के शुभारंभ के साथ ही जम्मू-कश्मीर में निवेश और औद्योगिक विकास की एक नई सुबह की शुरूआत हो।

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एनडब्‍ल्‍यू/आरके/एवाई/आरआर  

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