केन्द्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा की

केन्द्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री ने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा की

केन्द्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग और आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) में सचिव श्री संजीव रंजन और मंत्रालय में अपर सचिव श्री संजय बंदोपाध्याय तथा कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक मधु एस. नायर, निदेशक (तकनीकी) श्री बिजय भास्‍कर, निदेशक (वित्त) श्री जोस वी.जे. और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज बैठक के दौरान शिपयार्ड की प्रगति और कामकाज की समीक्षा की।

बंदरगाह मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने आईएसी के दूसरे समुद्री परीक्षणों के दौरान भारतीय नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ कोचीन शिपयार्ड द्वारा बनाए जा रहे स्वदेशी विमान वाहक की प्रगति की समीक्षा की और वहां का दौरा किया। इस अवसर पर सीएसएल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

                             

भारतीय नौसेना के नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) द्वारा डिजाइन किया गया स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी) ‘विक्रांत’ कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) में बनाया जा रहा है, जो बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएस एंड डब्ल्यू) के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का शिपयार्ड है।

भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा विमान वाहक का स्वदेशी डिजाइन और निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया पहल’ की देश की इच्‍छा का एक जीता-जागता उदाहरण है जिसमें 76 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री लगी है। इससे स्वदेशी डिजाइन और निर्माण क्षमताओं में वृद्धि हुई है, इसके अलावा बड़ी संख्या में सहायक उद्योगों का विकास हुआ है, जिसमें 2000 से अधिक सीएसएल कर्मियों और सहायक उद्योगों में लगभग 12000 कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर हैं।

 

मंत्री कल सीएसएल का दौरा करेंगे। वह एएसकेओ मैरीटाइम एएस नॉर्वे के लिए दो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ऑटोनॉमस जहाजों और बीएसएफ के लिए तीन फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट सहित पांच जहाजों के जलावतरण समारोह का उद्घाटन करेंगे।

****

एमजी/एएम/केपी/डीए

G News Portal G News Portal
23 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.