केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई कल बेंगलुरु में दक्षिणी क्षेत्र के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे

केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई कल बेंगलुरु में दक्षिणी क्षेत्र के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे

मुख्य विशेषताएः

 

पर्यटन मंत्रालय 28 और 29 अक्टूबर, 2021 को कर्नाटक के बेंगलुरु में दक्षिणी क्षेत्र के पर्यटन और संस्कृति मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन करेगा। केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई 28 अक्टूबर 2021 को इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन (यूटी) के पर्यटन मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों, मीडिया और पर्यटन उद्योग के हितधारकों के भाग लेने की संभावना है।

दक्षिणी क्षेत्र के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विविध पर्यटक आकर्षणों से परिपूर्ण हैं और प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की अपनी खास विशेषताएं हैं। पर्यटन मंत्रालय इस क्षेत्र में पर्यटन के समग्र विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रचार और प्रसार, कौशल विकास आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर लगातार काम कर रहा है।

दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रतिभागियों को इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जा रही विभिन्न परियोजनाओं और पहलों के बारे में अवगत कराने के लिए पर्यटन मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय, रेल मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, एनईजीडी, नीति आयोग सहित विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

दो दिवसीय सम्मेलन के सत्रों में क्षेत्र की राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश भी अपने राज्यों में पर्यटन क्षेत्र की स्थिति और पर्यटन के विकास के लिए उनके द्वारा की जा रही नवीनतम पहलों पर प्रस्तुति देंगे। सत्र के दौरान, विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन पहल, रेल पर्यटन, कौशल विकास, दक्षिणी क्षेत्र में क्रूज पर्यटन की संभावना आदि पर चर्चा होगी।

पर्यटन मंत्रालय भारत को डिजिटल, प्रिंट और सोशल मीडिया में विभिन्न प्लेटफार्मों पर दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों सहित एक समग्र गंतव्य के रूप में बढ़ावा देता है। अप्रैल 2020 से, ‘देखो अपना देश’ अभियान के तहत, पर्यटन मंत्रालय दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर समर्पित वेबिनार सहित विभिन्न पर्यटन उत्पादों पर वेबिनार आयोजित कर रहा है। इस क्षेत्र के विभिन्न गंतव्यों के लिए हवाई, रेल और सड़क मार्ग द्वारा कनेक्टिविटी उत्कृष्ट है और कई लोगों द्वारा अन्य गंतव्यों के लिए इसकी मांग की जाती है।

पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि पर्यटकों को अनिवार्य रूप से विश्व स्तरीय सेवाएं प्रदान करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित और पेशेवर पर्यटक सुविधाप्रदाताओं का एक पूल बनाया जा सके, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गंतव्य के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रचार किया जा सके।

पिछले कुछ महीनों में घरेलू पर्यटन में जबरदस्त उछाल दिखा है और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सीमाएं खोल दी जाएंगी, इसलिए पर्यटकों का विश्वास और भरोसा बनाना बेहद जरूरी है। इस संबंध में, स्वास्थ्य मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय ने पहले ही कोविड-19 सुरक्षा और स्वच्छता प्रोटोकॉल को अधिसूचित कर दिया है। मंत्रालय ने आतिथ्य उद्योग (साथी) में आकलन, जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए एक प्रणाली स्थापित की है, ताकि कोविड-19 के संदर्भ में सुरक्षा और स्वच्छता दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और कर्मचारियों/ग्राहकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके। साथी पहल का उद्देश्य सुरक्षित रूप से संचालन जारी रखने के लिए होटलों की तैयारी में सहायता करना और अतिथियों का विश्वास बहाल करना तथा एक जिम्मेदार होटल के रूप में होटल की छवि को बढ़ाना है। अब तक, 10,000 से अधिक आवास इकाइयों ने साथी के तहत पंजीकरण कराया है। दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होटल इकाइयों ने आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए पोर्टल पर अपनी इकाइयों को पंजीकृत करने में अच्छी रुचि दिखाई है।

पर्यटन मंत्रालय अपनी बुनियादी ढांचा विकास योजनाओं के तहत देश भर के पर्यटन स्थलों पर बुनियादी ढांचे का विकास करता है, जैसे स्वदेश दर्शन (एसडी) और प्रसाद (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान पर राष्ट्रीय मिशन)। स्वदेश दर्शन योजना में पूरे भारत में 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जिसमें दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की परियोजनाएं भी शामिल हैं। स्वदेश दर्शन योजना के तहत तटीय सर्किट, बौद्ध सर्किट, इको सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। प्रसाद योजना के तहत, भारत में 37 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है जिसमें दक्षिणी राज्यों की परियोजनाएं भी शामिल हैं। इन प्रयासों से इस क्षेत्र में पर्यटन क्षेत्र को एक बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

***

एमजी/एएम/एसकेएस/डीके-

G News Portal G News Portal
21 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.