केंद्रीय विद्युत और एमएनआरई मंत्री ने पीएम-कुसुम और रूफटॉप सोलर प्रोग्राम फेज-II के कार्यान्वयन की समीक्षा की

केंद्रीय विद्युत और एमएनआरई मंत्री ने पीएम-कुसुम और रूफटॉप सोलर प्रोग्राम फेज-II के कार्यान्वयन की समीक्षा की

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ पीएम-कुसुम और रूफटॉप सोलर प्रोग्राम फेज-II के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की और इन योजनाओं के कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया।

श्री आर.के सिंह ने किसानों को सिंचाई गतिविधियों के लिए दिन के समय बिजली का विश्वसनीय स्रोत उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने के लिए पीएम-कुसुम योजना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पीएम-कुसुम योजना के व्यापक प्रचार और जागरूकता पर भी बल दिया ताकि हर किसान इनके प्रावधानों को जान सके और योजना के तहत इनका लाभ उठा सके। उन्होंने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीएम-कुसुम योजना के फीडर स्तर पर सौरकरण घटक के संदर्भ में भी चर्चा की, जो कृषि क्षेत्र के लिए दी जा रही बिजली सब्सिडी को काफी हद तक कम करने में सहायता प्रदान करेगा। श्री आर.के सिंह ने आश्वासन दिया कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

रूफटॉप सोलर प्रोग्राम फेस-II के कार्यान्वयन पर, मंत्री महोदय ने इस योजना के संबंध में हर परिवार में व्यापक प्रचार और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि रूफटॉप सोलर की स्थापना से घरों की बिजली की खपत में कमी आएगी और बिजली खर्च में बचत होगी।

सौर शहरों के विकास पर, यह जानकारी दी गई कि कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने सौर/हरित शहर के रूप में विकसित किए जाने वाले शहरों की पहचान की है। श्री सिंह ने अन्य राज्यों से भी अपने राज्य में कम से कम एक शहर को सौर शहर के रूप में विकसित करने का अनुरोध करते हुए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से इन शहरों में रूफटॉप सोलर, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, सोलर स्ट्रीट लाइट, इलेक्ट्रिक वाहन आदि जैसी स्वच्छ और हरित ऊर्जा परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए एक अभियान का शुभारंभ करने की अपील भी की।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से इन योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और देश के अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

इन बैठकों को क्षेत्रवार आयोजित किया गया था, उत्तरी क्षेत्र के लिए पहली बैठक 17.08.2021 की पहली छमाही में आयोजित की गई थी और इसमें राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के तौरपर जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़ बिहार, झारखंड और पंजाब ने भाग लिया।

पश्चिमी क्षेत्र के साथ 17.08.2021 की दूसरी छमाही में बैठक का आयोजन किया गया था और इसमें राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य शामिल हुए।

पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ तीसरी बैठक का आयोजन 18.08.2021 की दूसरी छमाही में किया गया और इस बैठक में ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम और मणिपुर ने भाग लिया।

इन बैठकों में डिस्कॉम और राज्य नोडल एजेंसियों के प्रमुख सचिव (ऊर्जा/विद्युत/एनआरई)प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भाग लिया।

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एमजी/एएम/एसएस/एसएस

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